Bihar News: एसआईआर, मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज विपक्षी सांसद दिल्ली में सड़कों पर उतरे हुए हैं। इंडिया गठबंधन के नेता संसद से चुनाव आयोग तक पैदल मार्च कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची संशोधन के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। साथ ही चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने और उन्हें लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

‘ज्ञानेश कुमार को फांसी पर लटका देना चाहिए’

विपक्ष के प्रदर्शन पर मनेर से राजद विधायक भाई वीरेंद्र की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि, चुनाव आयुक्त तो हटाना ही चाहिए। मैंने आप लोगों के माध्यम से कहा था कि ज्ञानेश कुमार जैसे लोकतंत्र के हत्यारे, अगर रहेंगे… तो वैसे लोगों को पद से पदमुक्त करना चाहिए और उनको फांसी के तख्ते पर लटकाना चाहिए, जितना उन्होंने गलत काम किया है।

तेजस्वी के लोकभवन मार्च पर कही ये बात

वहीं, 8 अक्तूबर को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि, लोक भवन मार्च का जो कार्यक्रम बना है, देश में बड़ी ही भयावह स्थिति है। जो संवैधानिक पद पर बैठे लोग हैं, वे सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। अब संवैधानिक पद की गरिमा को लोगों ने खो दिया है। इसलिए हम लोग महामहिम राज्यपाल के यहां तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विधानमंडल के सभी सदस्य और सांसद मार्च करेंगे और महामहिम से मेमोरेंडम देने का काम करेंगे।

‘परिवार की राजनीति करते हैं उपेंद्र कुशवाहा’

MLC चुनाव में RLM विधायकों के बागी सुर पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि, यह उनका मामला है। RLM में कोई ऐसा नहीं है कि सब उपेंद्र कुशवाहा को नेता मानता है। इसलिए कि उपेंद्र कुशवाहा को लोग अब जान गए हैं कि वो अपने बेटे और पत्नी के लिए राजनीति करते हैं, अपने लिए राजनीति करते हैं। इसलिए सब लोगों ने अपना मोर्चा संभाल लिया है।

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