अजय सैनी, भिवानी. मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इस कथन को भिवानी के युवाओं ने एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है। भिवानी के चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल में दाखिल गांव धनाना निवासी एक गंभीर मरीज के लिए जब ओ-पॉजिटिव होल ब्लड की अचानक आवश्यकता पड़ी, तो रक्तवीरों ने बिना समय गंवाए इंसानियत की मिसाल पेश की और अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया।

नागरिक अस्पताल से ओ-पॉजिटिव रक्त की तात्कालिक मांग सामने आते ही शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा सक्रिय हो गए। मामले की गंभीरता और आपात स्थिति को देखते हुए उन्होंने तुरंत क्षेत्र के जागरूक युवाओं से संपर्क साधा। डुडेजा के एक संदेश पर गांव पुर निवासी मनोज और जाटू लुहारी निवासी हेमंत तुरंत आगे आए।

दोनों युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए फ्रीडम ब्लड बैंक पहुंचकर मरीज के लिए होल ब्लड डोनेट किया और एक अनमोल जिंदगी को बचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डुडेजा ने कहा कि मानव से मानव का रिश्ता महान है, और जो निस्वार्थ भाव से रक्तदान करे वही सच्चा इंसान है। रक्तदान से बढकऱ समाज और मानवता की कोई दूसरी सेवा नहीं हो सकती। आपका दिया हुआ एक यूनिट रक्त किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम चार बार अवश्य रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में अस्पतालों और ब्लड बैंकों में रक्त की लगातार जरूरत बनी रहती है। ऐसे में युवा शक्ति का दायित्व और भी बढ़ जाता है। जब भी किसी जरूरतमंद के लिए संदेश या सूचना मिले, तुरंत आगे आकर रक्तदान करें ताकि समय पर रक्त की पूर्ति हो सके और किसी का जीवन संकट में न पड़े। राजेश डुडेजा ने आपात स्थिति में बिना किसी झिझक के तुरंत रक्तदान करने वाले दोनों युवाओं मनोज और हेमंत का हृदय से आभार व्यक्त किया और उनके इस सेवा भाव की सराहना की।