अजय सैनी, भिवानी. नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर पालिका और अग्निशमन कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार उग्र रूप धारण करती जा रही है। आंदोलन को और अधिक धार देने के उद्देश्य से यूनियन के राज्य स्तरीय नेता प्रदेश के विभिन्न नगर पालिकाओं और फायर स्टेशनों का दौरा कर आगामी रणनीति तैयार कर रहे हैं। इसी क्रम में भिवानी नगर परिषद कार्यालय के समक्ष जारी धरने के 34वें दिन राज्य स्तरीय कर्मचारी नेताओं के एक जत्थे ने पहुंचकर कर्मचारियों में जोश भरा और सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया।

धरने को संबोधित करने पहुंचे नेताओं में सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व राज्य प्रधान व नगर पालिका कर्मचारी संघ की पूर्व राज्य प्रधान पूनम रती, राज्य कोषाध्यक्ष राजेश बागड़ी, फायर ब्रिगेड यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सनंध तथा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य सचिव अशोक पिलानिया प्रमुख रूप से शामिल रहे। इस अवसर पर धरने की अध्यक्षता फायर ब्रिगेड यूनियन के जिला प्रधान अजय श्योराण ने की, जबकि मंच का सफल संचालन सर्व कर्मचारी संघ के भिवानी ब्लॉक प्रधान अशोक गोयत द्वारा किया गया।

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हरियाणा सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से हठधर्मिता पर उतारू है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की मंशा कर्मचारियों को ताउम्र कच्चे पद पर ही बनाए रखने की है, ताकि उन्हें न्यूनतम वेतन में ही रखा जा सके और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा जा सके। वक्ताओं ने मांग की कि 13 मई को सरकार के साथ हुए 17 सूत्रीय समझौते को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। इसके साथ ही, आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमों को रद्द करने, निलंबित कर्मियों को बहाल करने तथा वर्ष 2014 से निरंतर सेवा दे रहे सभी सफाई कर्मचारियों और सीवरमेनों को पक्का करने की पुरजोर पैरवी की गई।


कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी 22-सूत्रीय मांगों का पूर्ण समाधान नहीं होता और इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी नहीं कर दिया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन आंदोलन पूरी मजबूती के साथ अनवरत जारी रहेगा। इस अवसर पर जयप्रकाश, सतबीर स्वामी, राजकुमार मेघवाल, प्रवीण बागड़ी, कामरेड ओमप्रकाश, रामफल देशवाल सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।