मुरादाबाद. सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद अब मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद को लेकर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. लखनऊ-दिल्ली हाईवे के किनारे टीएमयू के पास स्थित मस्जिद के निर्माण को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने कथित तौर पर अनधिकृत बताया है. करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी इस मस्जिद के प्रबंधक को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले नोटिस जारी किया गया है.
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21 अगस्त को जारी हुआ नोटिस
एमडीए के विहित अधिकारी की ओर से 21 अगस्त 2026 को मस्जिद के प्रबंधक को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27 के तहत नोटिस भेजा गया. इसमें कहा गया कि मौके पर निर्माण से संबंधित स्वीकृति के दस्तावेज अधिकारियों को नहीं दिखाए गए.
3 सितंबर तक मांगा गया जवाब
नोटिस में प्राधिकरण ने कहा कि जोन-1, एसजेड-1, मोहल्ला ईदगाह, दिल्ली रोड, टीएमयू के पास पाकबड़ा में करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में मुस्तफा मस्जिद का निर्माण है. प्रबंधक से पूछा गया कि कथित अवैध निर्माण को गिराने का आदेश क्यों न जारी किया जाए. जवाब के लिए 3 सितंबर 2026 दोपहर एक बजे तक का समय दिया गया था.
कई दशक पुरानी मस्जिद, नोटिस में 20 अगस्त की तारीख
स्थानीय स्तर पर मुस्तफा मस्जिद को कई दशक पुराना बताया जा रहा है. हालांकि, एमडीए के नोटिस में कथित अनधिकृत निर्माण शुरू होने की तारीख 20 अगस्त 2026 दर्ज है. प्राधिकरण ने धारा 14 और 15 के तहत अनुमति के बिना निर्माण किए जाने का हवाला दिया है. यही विरोधाभास अब पूरे मामले में चर्चा का विषय बना हुआ है.
7 जुलाई को मजार पर हुई थी कार्रवाई
मुस्तफा मस्जिद से पहले 7 जुलाई को टीएमयू के पास स्थित बाबा फौलाद शाह की मजार पर भी प्रशासन ने बुलडोजर चलाया था. प्रशासन ने मजार को तालाब की जमीन पर कथित अवैध कब्जा बताते हुए कार्रवाई की थी. अब मुस्तफा मस्जिद को लेकर जारी नोटिस के बाद क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं. फिलहाल ध्वस्तीकरण की अंतिम कार्रवाई को लेकर प्राधिकरण की आगे की प्रक्रिया पर नजर है.



