संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए मची होड़ और बेरोजगारी का आलम किस हद तक है, इसकी एक बानगी हाल ही में सामने आई पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया से मिलती है। मध्य प्रदेश पुलिस में 7,500 आरक्षकपदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में इस बार हजारों की संख्या में उच्च शिक्षित युवाओं ने आवेदन किया है, जिसमें इंजीनियर से लेकर पीएचडी धारक तक शामिल हैं।
7.54 लाख आवेदन, एक पद पर 100 दावेदार
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार आरक्षक भर्ती के लिए कुल 7,500 पदों के खातिर लगभग 7.54 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो एक आरक्षक के पद के लिए औसतन 100 उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। हालांकि, पिछले साल (2025) की तुलना में इस बार आवेदनों की संख्या में कमी आई है। वर्ष 2025 में इसी भर्ती के लिए करीब 9.76 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, यानी इस बार पिछले साल के मुकाबले लगभग 2.25 लाख कम फॉर्म भरे गए हैं।
इंजीनियर और PhD धारक भी लाइन में
भले ही आरक्षक पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आमतौर पर 10वीं या 12वीं कक्षा होती है, लेकिन बेरोजगारी के इस दौर में उच्च डिग्रियां हासिल कर चुके युवा भी इस नौकरी के लिए कतार में खड़े हैं। चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 9,933 आवेदक ऐसे हैं जिनकी शैक्षणिक योग्यता बीई (बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग) यानी वे इंजीनियर हैं। इसके अलावा, उच्च शिक्षा प्राप्त 28 आवेदक PhD धारक हैं, जिन्होंने आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी नौकरियों की अनिश्चितता और सुरक्षा के चलते उच्च शिक्षित युवा भी अब सुरक्षा बलों और कॉन्स्टेबल जैसे पदों की ओर रुख कर रहे हैं। फिलहाल, लिखित परीक्षा और चयन प्रक्रिया की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
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