सोहराब आलम, मोतिहारी। ​बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की आगामी जयंती समारोह को पटना में भव्य तरीके से मनाने की तैयारियों के सिलसिले में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह मोतिहारी पहुंचे। मोतिहारी आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, दिल्ली में चल रहे नागरिकता व मतदाता सूची विरोध आंदोलन और आगामी एमएलसी चुनावों समेत कई ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।

​वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और दिल्ली आंदोलन पर कड़ा रुख

दिल्ली में जारी आंदोलन का समर्थन करते हुए डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से काटा गया है, वे सभी इसी देश के नागरिक हैं। जब तक वोटर लिस्ट में हुई इन गड़बड़ियों और धांधलियों में पूरी तरह सुधार नहीं किया जाता, तब तक यह जनांदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।

​राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार

केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी द्वारा राहुल गांधी को गैर-जिम्मेदार विपक्षी नेता बताए जाने पर अखिलेश सिंह ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बयानबाजी करने के बजाय केंद्रीय मंत्री पहले अपने प्रधानमंत्री से बात करें और SIR में सुधार करवाएं, उसके बाद ही किसी मुद्दे पर चर्चा करें। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा राहुल गांधी पर देश के युवाओं को भड़काने के आरोपों पर तंज कसते हुए सांसद ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। राहुल गांधी युवाओं के रोजगार और हक की आवाज उठा रहे हैं, जिसे सत्ताधारी भड़काना बता रहे हैं।

​परिसीमन विधेयक और स्थानीय विवादों पर प्रतिक्रिया

परिसीमन विधेयक के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष स्पष्ट करते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि जब तक इस विधेयक पर सभी राजनीतिक दलों और वर्गों का समर्थन नहीं लिया जाता, तब तक कांग्रेस इसे संसद में पास नहीं होने देगी। वहीं, एमएलसी चुनाव को लेकर जदयू नेता नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जारी जुबानी जंग पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने तंज कसते हुए इसे टाल दिया और कहा कि वे इतने छोटे-छोटे लोगों के आपसी बयानों पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझते।