परना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित एकतरफा फैसलों और मतदाता सूची से जुड़े विवादों के विरोध में शुक्रवार को पटना में विरोध मार्च निकालेगी। कांग्रेस की ओर से दोपहर 12.45 बजे आर. ब्लॉक स्थित चाणक्य होटल से राज्य निर्वाचन आयोग तक मार्च निकालने का कार्यक्रम है। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।
जानें क्या है आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई फैसलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग भी की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि इसी मुद्दे को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की एक रिपोर्ट को लेकर भी राजनीतिक विवाद बढ़ा है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों को उनकी जानकारी के बिना जारी किए जाने पर सवाल उठाए और कुछ कदमों को कथित तौर पर ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया।
ये कहा गया रिपोर्ट में
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन आपत्तियों की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दी गई थी। इसके करीब चार महीने बाद 9 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण बैठक हुई। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। जून 2025 में बिहार से शुरू हुआ SIR बाद में अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंचा। कांग्रेस का दावा है कि इसके दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता के सवाल उठे।
राहुल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को करीब 55 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए और उनकी नियुक्ति का भी विरोध किए जाने की बात कही। राहुल गांधी इससे पहले 2025 में SIR को लेकर कई बार चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।


