कुंदन कुमार, पटना। बिहार में मानसून की विदाई के करीब आते-आते एक बार फिर बाढ़ का गंभीर संकट गहरा गया है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां उफान पर हैं। खासकर गंगा और गंडक नदियों का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे राजधानी पटना समेत कई जिलों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
मरीन ड्राइव का निरीक्षण
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने पटना के मरीन ड्राइव और विभिन्न गंगा घाटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया और अधिकारियों को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के इनपुट के अनुसार, अगले 48 घंटे राज्य के लिए बेहद संवेदनशील और हाई अलर्ट वाले रहने वाले हैं। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह चौकस है।

वायु सेना से मांगी गई मदद
बाढ़ पीड़ितों तक तुरंत राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस आपदा से निपटने के लिए भारतीय वायु सेना से भी मदद की गुहार लगाई है ताकि दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। इसके साथ ही, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में नावें, राहत शिविर और मेडिकल कैंप स्थापित किए जा रहे हैं ताकि जनता को हरसंभव सहायता मिल सके।
नेपाल की बारिश से बढ़ी बिहार सरकार की मुश्किलें
नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश ने बिहार की जनता और शासन दोनों की नींद उड़ा दी है। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। सरकार ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी जनहानि को टाला जा सके और प्रभावितों को त्वरित राहत मुहैया कराई जा सके।

