Bihar Flood: बिहार में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। खासकर कोसी और गंडक नदी में पानी बढ़ने के बाद उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा फिर मंडराने लगा है। पश्चिम चंपारण के कई गांवों में पानी पहुंच चुका है, वहीं रामनगर के दोन इलाके के 22 गांवों का सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए राज्य के 17 जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
कोसी-गंडक ने बढ़ाई लोगों की चिंता
कोसी की स्थिति ने सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है। वीरपुर बराज पर शुक्रवार रात 8 बजे नदी का डिस्चार्ज 2,81,795 क्यूसेक था। शनिवार सुबह 5 बजे यह बढ़कर 3,13,595 क्यूसेक हो गया। हालांकि शाम तक पानी कुछ कम हुआ और डिस्चार्ज करीब 3,00,400 क्यूसेक दर्ज किया गया। इस साल अब तक कोसी में दर्ज यह सबसे बड़ा जलस्राव बताया जा रहा है।
गंडक नदी में भी पानी तेजी से बढ़ा है। वाल्मीकिनगर बराज से शुक्रवार रात करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे यह मात्रा 2.73 लाख क्यूसेक हो गई और शाम 4 बजे तक करीब 2.98 लाख क्यूसेक के पार पहुंच गई। गंडक के इस बढ़ते दबाव का असर नदी किनारे बसे इलाकों में दिखने लगा है।
पश्चिम चंपारण में कई गांवों तक पहुंचा पानी
गंडक का पानी वाल्मीकिनगर इलाके के कई गांवों तक पहुंच गया है। रोहुआ टोला, चकदहवा और झंडू टोला समेत आसपास के इलाकों में लोग जलजमाव से परेशान हैं। कुछ जगहों पर सड़कों के ऊपर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। रामनगर के दोन इलाके में भी लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। नौरंगिया दोन और बनकटवा करमहिया पंचायत के 22 गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से दोबारा टूट गया है। इससे इन गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
बागमती, बूढ़ी गंडक और सिकरहना भी बढ़ीं
उत्तर बिहार की दूसरी नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पूर्वी चंपारण में गंडक के साथ बूढ़ी गंडक का पानी भी ऊपर चढ़ रहा है। लालबेगिया में सिकरहना नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है, जबकि अहिरौलिया में बूढ़ी गंडक भी बढ़ रही है।
सीतामढ़ी में बागमती का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। उधर, मधुबनी और दरभंगा के दियारा क्षेत्रों में भी पानी का असर बढ़ रहा है। मधुबन प्रखंड के चिऊरही सहित निचले इलाकों के लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है।
मुख्य सचिव ने की हालातों की समीक्षा
बाढ़ की आशंका को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारी बनाए रखने के साथ नदियों और तटबंधों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीतामढ़ी, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय को विशेष निगरानी वाले जिलों में रखा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैयार रहने को कहा गया है। किसी आपात स्थिति में लोग 1070 टोल-फ्री नंबर पर मदद ले सकते हैं।
नेपाल की बारिश भी बनी चिंता का विषय
फिलहाल बिहार में नदियों का जलस्तर प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। अगर नेपाल में बारिश जारी रही और कोसी-गंडक समेत दूसरी नदियों में पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो उत्तर बिहार के निचले इलाकों में हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन की टीमें तटबंधों, नदी के जलस्तर और प्रभावित गांवों पर लगातार नजर रख रही हैं।
ये भी पढ़ें- Bihar Today Weather: बिहार में 4 दिनों की बारिश पर ब्रेक, जानें अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम?


