कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधानपरिषद की 8 सीटों पर आज 23 अक्टूबर को मतदान होना है। ऐसे में मतदान शुरू होने से ठिक पहले पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का सियासी माहौल गर्म हो गया है। दरअसल पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार के आवास पर देर रात को बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची थी। संजीव कुमार ने खुद इसकी जानकारी दी। हालांकि पुलिस की टीम बाद में उनके आवास से लौट आई। लेकिन मतदान से कुछ घंटे पहले 7 गाड़ियों का काफिला पुलिस उनके आवास पर पहुंची, उससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
‘गिरफ्तारी के इरादे से पहुंची थी पुलिस’
डॉ. संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने और उनके घर की तलाशी लेने के इरादे से उनके आवास पर पहुंची थी। उन्होंने यह दावा किया कि पुलिसकर्मी बिना सर्च वारंट या जरूरी कानूनी दस्तावेज दिखाए कार्रवाई करने का दबाव बना रहे थे। राजद प्रत्याशी ने इस कार्रवाई को चुनाव से ठीक पहले उन्हें परेशान करने की कोशिश बताई। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
तेजस्वी ने सम्राट सरकार पर साधा निशाना
घटना पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। तेजस्वी ने राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार के आवास का वीडियो एक्स पर शेयर करते हुए पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाया। तेजस्वी ने अपनी में लिखा, आपराधिक चरित्र का सर्टिफाइड व्यक्ति (जो सात हत्याओं का आरोपी हो) जब वह प्रदेश का मुख्यमंत्री बन जाता है तो पुलिस का चरित्र भी आपराधिक हो जाता है।
उन्होंने कहा कि, कल होने वाले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन में हमारे उम्मीदवार के घर पर बिना किसी सर्च वारंट के रात एक बजे पुलिस भेज कर हताश करने की असफल कोशिश करने वाले डरपोक कायर मुख्यमंत्री एवं उनकी अपराधी माफ़िया पुलिस से आदरणीय लालू प्रसाद जी और RJD के कार्यकर्ता व नेता डरने वाले नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, 2 नंबरी सरकार का 10 नंबरी अपराधी मुख्यमंत्री अभी भी गलतफहमी पाले हुए है। नरेंद्र मोदी ने बंदर के हाथ में उस्तरा देकर बिहार को बर्बाद करने की ठानी है।
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