कुंदन कुमार, पटना। वोटिंग से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई। पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार पार्टी प्रत्याशी व एमएलसी नीरज कुमार से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। नीतीश कुमार ने हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटे नीरज के स्वास्थ्य की जानकारी ली और कुछ ही मिनटों में वहां से रवाना हो गए।
​इसके पहले, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, एमएलसी संजय गांधी और खुद नीरज कुमार के बीच एक उच्च-स्तरीय गुप्त बैठक हुई। बंद कमरे में हुई इस 20 मिनट की मंत्रणा ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कल होने वाले मतदान की अंतिम रणनीतियों को अंतिम रूप देना और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करना था। इस सिलसिलेवार बैठकों से पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वह चुनाव को लेकर पूरी तरह गंभीर और एकजुट है।

बिहार में विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए चुनाव प्रचार का शोर अब थम चुका है। शुक्रवार को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इस चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे कुल 150 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 5.33 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए तमाम पुख्ता तैयारियां पूरी कर ली हैं।

​स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का पूरा गणित

​इस बार के चुनाव में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मुकाबला हो रहा है। कुल 150 उम्मीदवारों में से 90 प्रत्याशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से और 60 प्रत्याशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतरे हैं।

  • ​स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की चार सीटों के लिए कुल 4,92,594 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनके लिए 598 बूथ बनाए गए हैं। अकेले तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 1.43 लाख से अधिक मतदाता हैं, जबकि पटना में 87,583 मतदाता हैं। साफ है कि यहां मतदाताओं की संख्या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में काफी ज्यादा है।
  • ​शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की चार सीटों पर कुल 40,253 मतदाता हैं, जिनके वास्ते 335 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 11,719 और तिरहुत में 8,760 मतदाता हैं। हालांकि दोनों श्रेणियों में मतदाताओं की योग्यता और वोटिंग की प्रक्रिया बिल्कुल अलग होती है।