पटना। बिहार की प्रभारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रीता वर्मा ने शनिवार को पटना एसएसपी कार्यालय पहुंचकर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। लगभग एक घंटे तक चली इस बैठक में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गहन मंथन किया गया।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस अहम बैठक में प्रशासनिक और पुलिस महकमे के कई दिग्गज अधिकारी मौजूद रहे। जोनल आईजी जितेंद्र राणा और पटना एसएसपी के अलावा निम्नलिखित अधिकारी शामिल हुए:
- पूर्वी, सेंट्रल, पश्चिमी और ग्रामीण क्षेत्र के एसपी
- सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ)
- डीएसपी स्तर के अन्य वरीय अधिकारी
- इन सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी रिपोर्ट साझा की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पुलिस तैयारियों का पूरा खाका प्रस्तुत किया।
अपराध नियंत्रण और आपसी समन्वय पर विशेष जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की राजधानी में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना तथा आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसना था। प्रभारी डीजीपी ने पुलिस महकमे के भीतर आपसी समन्वय को बेहतर बनाने पर सबसे अधिक जोर दिया ताकि किसी भी घटना के तुरंत बाद त्वरित कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों का पूरी तरह पालन करने और जनता के बीच सुरक्षा का भाव मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
प्रभारी डीजीपी के रूप में पहली समीक्षा
यह बैठक इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि प्रभारी डीजीपी का पदभार संभालने के बाद प्रीता वर्मा की पटना जिले के अधिकारियों के साथ यह पहली औपचारिक बैठक है। इसे आगामी सुरक्षा रणनीति और प्रशासनिक कसावट के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, बैठक के बाद अभी तक किसी विशेष निर्देश या नई कार्ययोजना के बारे में कोई आधिकारिक और विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस हलकों में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

