पटना। बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पिछले 35 दिनों से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर डटे हुए हैं। सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अभ्यर्थियों ने इस बार बेहद अनोखा तरीका अपनाया और धरने के दौरान ही छठ पूजा की परंपरा के अनुसार हाथों में सूप व कलश लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके हाथों में तिरंगा झंडा भी नजर आया।

​डेलिगेशन और सीडीपीओ की बातचीत

प्रदर्शन के बीच स्थिति को संभालते हुए सीडीपीओ अनु कुमारी ने ड्राइवर अभ्यर्थियों के पांच सदस्यीय डेलिगेशन को उनकी समस्याओं और मांगों पर चर्चा करने के लिए अपने साथ बुलाया है, ताकि इस गतिरोध का कोई समाधान निकाला जा सके।

मुख्य मांग: खाली महिला सीटों को पुरुष अभ्यर्थियों से भरा जाए

अभ्यर्थियों का मुख्य मुद्दा भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को भरना है। उनका तर्क है कि यदि नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो इन रिक्त सीटों को उसी श्रेणी के योग्य पुरुष अभ्यर्थियों से भरा जाना चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब दरोगा भर्ती में नियमों के तहत बची हुई सीटें पुरुषों को दी जा रही हैं, तो फिर ड्राइवर भर्ती में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।

​घर का दबाव और संघर्ष

धरना दे रहे अभ्यर्थी रंजीत ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वे कई हफ्तों से गर्दनीबाग में बैठे हैं। घर से लगातार दबाव आ रहा है कि वे पढ़ाई छोड़कर सिर्फ धरना दे रहे हैं, लेकिन अपने हक की लड़ाई लड़ना उनकी मजबूरी बन चुका है।

​पहले भी हो चुकी है पुलिस से नोंकझोक

करीब एक हफ्ते पहले इन अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास बड़ी संख्या में बल तैनात कर अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया था और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।