पटना। बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में खाली रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को लेकर अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज करने की तैयारी की है। इन रिक्त पदों पर संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष अभ्यर्थियों को मौका देने की मांग को लेकर शुक्रवार को पटना में धरना और पैदल मार्च निकाला जाएगा। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की भी घोषणा की है। इसके लिए सुबह 11 बजे गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास जुटने की तैयारी है।
अभ्यर्थियों के कार्यक्रम के अनुसार, गांधी मैदान में धरना देने के बाद गेट नंबर-10 से डाकबंगला चौराहे तक कलश यात्रा और पैदल मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान अभ्यर्थी छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाले सूप और कलश के साथ तिरंगा लेकर चलेंगे। उनका कहना है कि इस प्रतीकात्मक तरीके से वे अपनी मांग सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं।
अलग से वैकेंसी निकालने की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं के लिए निर्धारित सीटें खाली रहने पर नियमों के अनुसार संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष उम्मीदवारों को अवसर दिया जाए। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में पद खाली रहने से भर्ती में शामिल उम्मीदवारों को रोजगार का मौका नहीं मिल पा रहा है। इसलिए सरकार को रिक्त पदों पर नियुक्ति की संभावनाओं पर विचार करना चाहिए।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि दूसरी भर्तियों में रिक्त सीटों को भरने का प्रावधान लागू किया जा सकता है, तो बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में भी इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय होना चाहिए। हालांकि, इन सीटों को पुरुष उम्मीदवारों से भरने की अनुमति भर्ती नियमों और आरक्षण संबंधी प्रावधानों पर निर्भर करेगी।
गर्दनीबाग में दे रहे धरना
आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों ने बताया कि वे कई दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। लगातार प्रदर्शन के कारण परिवार के लोग भी सवाल उठाने लगे हैं कि वे पढ़ाई की जगह धरने में समय बिता रहे हैं। इसके बावजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि अपने अधिकार और रोजगार के अवसर के लिए आवाज उठाना जरूरी है। उनकी मांग है कि महिला अभ्यर्थियों को मौका देने के बाद जो सीटें खाली रह जाती हैं, उन पर पुरुष उम्मीदवारों के लिए वैकेंसी निकालने पर विचार किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दरोगा भर्ती में रिक्त सीटों को लेकर ऐसा प्रावधान लागू किया जा रहा है, तो ड्राइवर भर्ती में भी इस विषय पर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है।
अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग पर विचार करेगी और रिक्त पदों को भरने के संबंध में स्थिति स्पष्ट करेगी। शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शन के दौरान वे अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखेंगे।

