सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली नगर पंचायत अंतर्गत धनही गांव में उस वक्त मातम पसर गया, जब वहां के निवासी और बिहार पुलिस के सब-इंस्पेक्टर बादल कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। पिछले डेढ़ साल से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे बादल कुमार ने गुरुवार की अहले सुबह पटना के PMCH में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और उनके आवास पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
संघर्ष और समर्पण से भरा पुलिस सेवा का सफर
दिवंगत बादल कुमार का पुलिस सेवा का सफर बेहद प्रेरणादायक और संघर्षशील रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1997 में एक साधारण सिपाही के रूप में की थी। अपनी कर्तव्यनिष्ठा, कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट कार्यकुशलता के बल पर उन्होंने तरक्की हासिल की और वे सिपाही से पदोन्नत होकर एएसआई (ASI) और अंततः सब-इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचे। उनके परिवार में उनके बड़े भाई डॉ. पवन सहनी क्षेत्र के एक जाने-माने और प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक हैं, जो समाज सेवा में भी सक्रिय रहते हैं।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि
जैसे ही बादल कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव धनही पहुंचा, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। जिला पुलिस बल और सुगौली थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर दिवंगत पुलिस अधिकारी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी अर्पित की।
इस दौरान उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। बिहार के पूर्व मंत्री रामचंद्र सहनी समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया तथा इस दुख की घड़ी में हरसंभव सांत्वना दी।

