कुंदन कुमार, पटना। बिहार भर में भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन पारंपरिक उल्लास और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर राज्य के हर कोने से आत्मीयता और संवेदनशीलता को छूने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। चाहे सत्ता के गलियारे हों, सूबे की सलाखों के पीछे की दुनिया या फिर शिक्षा के मंदिर—हर जगह इस पवित्र रिश्ते की मिठास और कर्तव्यनिष्ठा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

​स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बहनों से बंधवाई राखी

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर पारिवारिक आत्मीयता का परिचय देते हुए अपनी बहनों से राखी बंधवाई। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने भाव साझा करते हुए लिखा कि आज विभा दीदी, सुनीता दीदी और छोटी बहन ज्योत्सना से राखी बंधवाकर उनका मन अत्यंत प्रसन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि बहनों द्वारा बांधी जाने वाली राखी में उनका अथाह प्रेम, अनमोल अपनापन और निरंतर आशीर्वाद बंधा होता है। मंत्री ने इस रिश्ते को हर भाई के लिए जीवन की सबसे अनमोल पूंजी बताया और कामना की कि बहनों का यह स्नेह व आशीर्वाद हमेशा उन पर यूं ही बना रहे। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

​बिहार की जेलों में दिखा भावुक दृश्य, सलाखों के बाहर से बहनों ने बांधी राखी

एक ओर जहां आम लोग अपने घरों में परिवार के साथ इस पर्व को मना रहे हैं, वहीं बिहार की विभिन्न जेलों में रक्षाबंधन का एक अलग और भावुक रूप देखने को मिला। जेलों में बंद भाइयों की कलाइयों सूखी न रहें, इसके लिए भारी संख्या में बहनें जेल परिसरों के बाहर पहुंचीं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच बहनों ने सलाखों के बाहर से ही अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान कई बहनों और भाइयों की आंखें नम हो गईं, जो यह साबित करता है कि भाई-बहन का रिश्ता दूरी, दीवारों और सलाखों से बहुत ऊपर होता है। प्रशासन द्वारा भी इस दिन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं ताकि बहनें अपने भाइयों से मिलकर उन्हें राखी बांध सकें।

​ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी में शिक्षक रौशन आनंद ने छात्राओं के साथ मनाया पर्व

राजधानी पटना समेत शैक्षणिक संस्थानों में भी रक्षाबंधन का उत्साह चरम पर रहा। मशहूर शिक्षण संस्थान ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ में शिक्षक रौशन आनंद ने संस्थान की बड़ी संख्या में पहुंची छात्राओं से राखी बंधवाकर यह पर्व मनाया। इस दौरान संस्थान का माहौल पूरी तरह पारिवारिक नजर आया। मीडिया से बातचीत करते हुए रौशन आनंद ने बताया कि राखी बांधने का पहला शुभ मुहूर्त सुबह समाप्त हो चुका है, और अब दोपहर के निर्धारित मुहूर्त में पूरे विधि-विधान के साथ छात्राएं भाइयों को राखी बांध रही हैं। उन्होंने सभी को पर्व की बधाई देते हुए छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कुल मिलाकर, बिहार में यह रक्षाबंधन केवल एक त्योहार न रहकर मानवीय संवेदनाओं, भाईचारे और रिश्तों की मजबूती का एक जीवंत दस्तावेज बन गया है।