पंकज श्रीवास्तव, छपरा। बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे भले किए जाते हों, लेकिन अस्पतालों से सामने आने वाली तस्वीरें अक्सर इन दावों पर सवाल खड़े कर देती हैं। कभी बिजली गुल होने पर ऑपरेशन थिएटर में टॉर्च और मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ता है, तो कभी फ्रैक्चर मरीज को प्लास्टर या मेडिकल स्प्लिंट की जगह कार्टन बांधकर रेफर कर दिया जाता है। कुछ ऐसा ही ताजा मामला सारण से भी सामने आया है।

ट्रक की चपेट में आने से दो युवक घायल

दरअसल शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत लाल बाजार के समीप अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों युवक छपरा में शैडोफैक्स कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करते हैं। घायल युवकों की पहचान डोरीगंज थाना क्षेत्र के मोहदीपुर गांव निवासी रंजीत चौरसिया के 24 वर्षीय पुत्र अविनाश कुमार तथा बदलपुर निवासी अमर सिंह के 28 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार सिंह के रूप में हुई।

घटना के बाद आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक सुब्रत कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि दोनों युवकों को गंभीर चोटें आई है।

कार्टन बांधकर कर दिया रेफर

सदर अस्पताल में घायलों को प्राथमिक उपचार के दौरान टूटे पैर पर कार्टन बांधा गया और पटना रेफर कर दिया गया। इस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों के उपचार के लिए करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ही रेफर किए जाने की स्थिति सामने आ रही है।

संसाधनों के बावजूद मरीजों को परेशानी

सदर अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। इसके बावजूद सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों के उपचार में यदि सामान्य प्राथमिक उपचार के बाद रेफर की स्थिति बन रही है, तो यह अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करता है। वही अस्पताल में आधुनिक संसाधनों का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। सडक दुर्घटना में मरीजों को रेफर पर ही लगाम लग पा रहा है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले बेगूसराय और जहानाबाद से भी फ्रैक्चर मरीजों को कार्टन बांधनेके मामले सामने आए थे।

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