पटना। बिहार में खेल जगत के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अब राज्य की खेल प्रतिभाओं की पहचान और उनके कौशल का विकास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किया जाएगा। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को पूरी तरह से वैज्ञानिक और आधुनिक रूप देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA) और प्रतिष्ठित संस्थान IIT मद्रास के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
मशाल कार्यक्रम के आंकड़ों से बनेगा बिहार का अपना खेल मानक
इस नई पहल की नींव मशाल कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों से जुटाए गए व्यापक डेटा पर आधारित होगी। बच्चों की लंबाई, वजन, दौड़, कूद और फेंक जैसे सात शारीरिक व प्रदर्शन संबंधी मानकों के आंकड़ों का अध्ययन IIT मद्रास के विशेषज्ञ करेंगे। AI और उन्नत सांख्यिकी के जरिए इन आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया जाएगा।
इसके आधार पर एक विशेष विकास एवं फिटनेस मानक, एथलेटिक क्षमता सूचकांक और जिला स्तर पर प्रतिभा का डेटा तैयार किया जाएगा। इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इससे बिहार के ग्रामीण और दूरदराज के अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को बेहद वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से तलाशने में मदद मिलेगी।
बिना सेंसर कैमरों से जांची जाएगी खिलाड़ियों की तकनीक
समझौते के मुख्य बिंदुओं में भारोत्तोलन प्रशिक्षण केंद्र में एक आधुनिक AI-आधारित सेंसर-रहित गति विश्लेषण प्रणाली विकसित करना शामिल है। इस प्रणाली के तहत खिलाड़ियों के शरीर पर किसी भी प्रकार के सेंसर चिपकाए बिना केवल कैमरों की मदद से उनकी तकनीक, संतुलन और बॉडी मूवमेंट्स का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा।
इससे राज्य के कोचों को खिलाड़ियों की तकनीकी खूबियों और कमियों का सटीक और वस्तुनिष्ठ आकलन करने में अभूतपूर्व सहायता मिलेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट में IIT मद्रास का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स साइंस एंड एनालिटिक्स (CESSA) अपनी तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान कर रहा है।
मशाल से मेडल तक का सपना होगा साकार
BSSA के महानिदेशक-सह-सीईओ रवीन्द्रण शंकरण ने इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि राज्यभर के बच्चों से जुटाए गए विशाल डेटा का उपयोग अब IIT मद्रास की मदद से खिलाड़ियों के उच्चस्तरीय प्रशिक्षण में किया जाएगा। उनका मुख्य लक्ष्य बिहार के गांवों से निकलने वाली छुपी हुई प्रतिभाओं को सही मंच और ट्रेनिंग देना है। आने वाले समय में इस मॉडल को भारोत्तोलन के अलावा अन्य खेलों में भी विस्तारित किया जा सकता है। डेटा प्रबंधन के क्षेत्र में जिम्मेदार और सुरक्षित AI सिद्धांतों का पालन करते हुए तैयार किए गए सभी डैशबोर्ड और मॉडल्स पूरी तरह से BSSA की संपत्ति रहेंगे।

