कुंदन कुमार, पटना। भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पटना में एक बयान देते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक चुनाव आयोग से ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक पूरे देश में विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन और आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
2 अक्टूबर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन का शंखनाद
माले महासचिव ने आगामी कार्ययोजना की घोषणा करते हुए बताया कि कल यानी 2 अक्टूबर से विपक्षी दल सड़क पर उतरकर इस आंदोलन की औपचारिक शुरुआत करेंगे। गांधी जयंती के पावन अवसर से शुरू होने वाला यह आंदोलन देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप से चलाया जाएगा, ताकि सरकार और चुनाव आयोग पर नैतिक दबाव बनाया जा सके।
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग मार्च करेंगे विपक्षी सांसद
आंदोलन के अगले चरण की जानकारी देते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने बताया कि आगामी 6 अक्टूबर को देश भर के सभी विपक्षी दलों के सांसद एकजुट होकर चुनाव आयोग पहुंचेंगे। वहां वे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक कड़ा ज्ञापन सौंपेंगे और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
हरसंभव सहयोग का संकेत
मीडिया द्वारा पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि कोई अन्य राजनीतिक दल या संगठन चाहे वह कॉकरोच जनता पार्टी ही क्यों न हो ज्ञानेश कुमार के आचरण या ईवीएम (EVM) के खिलाफ इस मुहिम में आंदोलन करता है, तो भाकपा माले वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर निश्चित तौर पर उनका साथ देने का काम करेगी।

