पटना। बिहार में मार्च की शुरुआत के साथ ही तपिश बढ़ने लगी थी, लेकिन अब मौसम की चाल बदलने वाली है। राज्य में दिन का पारा 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे दोपहर में कड़ी धूप और गर्माहट महसूस हो रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने एक ताजा अपडेट जारी करते हुए बताया है कि 10 और 11 मार्च को बिहार के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।
पश्चिमी विक्षोभ का दिखेगा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है। इसके चलते उत्तर बिहार के जिलों में बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है। 10 मार्च को विशेष रूप से अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और कटिहार जैसे सीमांचल और कोसी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है।
11 मार्च को बढ़ेगा प्रभाव
बारिश और आंधी का यह सिलसिला 11 मार्च को और व्यापक हो सकता है। चंपारण से लेकर सीतामढ़ी और मधुबनी तक तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का अनुमान है। राजधानी पटना और समस्तीपुर में भी आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। फिलहाल पटना में 20 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही पछुआ हवाओं ने धूल और गर्मी बढ़ाई है, लेकिन बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
फसलों पर मंडराया संकट
जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय होने वाली तेज आंधी और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और आम के मंजर को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
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