Rajasthan 10th Board Zero Result: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं के नतीजे जारी कर प्रदेश भर में खुशियां बांटी हैं, जहां करीब 95% छात्र सफल रहे। लेकिन जैसलमेर जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको सन्न कर दिया है। दरअसल, जिले के दो सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन इतना खराब रहा है कि वहां एक भी छात्र पास नहीं हो सका। यानी इन स्कूलों का रिजल्ट जीरो रहा है। इस खबर के वायरल होते ही अब शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है और लापरवाह शिक्षकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

9 बच्चों ने दी परीक्षा, सब के सब हुए फेल
सूत्रों के अनुसार, जैसलमेर के नाचना क्षेत्र में आने वाले पांचे का तला और बाहला के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूलों की हालत सबसे ज्यादा पतली दिखी। बाहला स्कूल की बात करें तो यहां से 9 विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा दी थी, जिसमें से 8 छात्र सीधे फेल हो गए और 1 को सप्लीमेंट्री मिली है। वहीं पांचे का तला स्कूल का हाल तो और भी बुरा रहा, जहां मात्र 2 छात्र परीक्षा में बैठे थे और दोनों ही अपनी साख नहीं बचा पाए।
22 सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन बेहद फिसड्डी
बता दें कि केवल ये दो स्कूल ही नहीं, बल्कि जिले के 22 अन्य सरकारी स्कूलों का रिजल्ट भी 50 प्रतिशत से नीचे लुढ़क गया है। प्रभुपुरा सेकेंडरी स्कूल में 24 में से सिर्फ 4 बच्चे पास हुए, जबकि 14 को सप्लीमेंट्री मिली।
भुर्जगढ़ स्कूल के भी नतीजे उम्मीद से काफी कम रहे। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि इसी जिले के 172 सरकारी स्कूलों ने 100 प्रतिशत रिजल्ट देकर मिसाल भी पेश की है, जिससे यह साफ होता है कि कमी सिस्टम में नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा केंद्रों के मैनेजमेंट में है।
इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी महेश बिस्सा का कहना है कि हम शून्य रिजल्ट वाले स्कूलों का पूरा एनालिसिस कर रहे हैं। अगर वहां शिक्षक तैनात थे और फिर भी ऐसा नतीजा आया है, तो दोषी अध्यापकों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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