पटना। बिहार में अर्नब साइक्लोन के प्रभाव के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पटना में पिछले 24 घंटों के दौरान दिनभर हुई बारिश से पारा करीब 7 डिग्री तक लुढ़क गया है। मौसम विभाग ने आज (शुक्रवार) राज्य के 33 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा है।

​मौसम का अलर्ट और जिलों की स्थिति

​मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आज राज्यभर के जिलों को अलग-अलग श्रेणियों के अलर्ट जोन में बांटा गया है:

  • ​रेड अलर्ट: सीतामढ़ी और मधुबनी जिलों में बहुत भारी बारिश और वज्रपात की आशंका के चलते रेड अलर्ट घोषित किया गया है। यहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • ​ऑरेंज और यलो अलर्ट: 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 27 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई, बक्सर, औरंगाबाद, सासाराम और आरा में हल्की बारिश दर्ज की गई है, जबकि नालंदा और बेगूसराय में घने बादल छाए रहे।

​आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

​मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में यह बेमौसम बारिश का दौर 1 नवंबर तक जारी रहने का अनुमान है:

  • ​30 अक्टूबर: उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है।
  • ​31 अक्टूबर: कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी।
  • ​1 नवंबर: अधिकांश जिलों में मौसम के शुष्क होने की संभावना है, लेकिन अगले 48 घंटों के दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

​किसानों की बढ़ी चिंता, फसलों को भारी नुकसान

​इस बेमौसम आंधी और मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल, गन्ना, आलू और विभिन्न सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बागानों में केले, पपीते, सहजन और आम के पेड़ों को भी क्षति पहुंची है।

​प्रशासन की चेतावनी और एहतियाती उपाय

​लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे यातायात और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। साथ ही, नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम और वज्रपात (बिजली गिरने) के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय पूरी सावधानी बरतें।