बिजनौर में उषा सैनी की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके चचेरे भाई नीरज को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने जंगल में दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की और उसकी तीन वर्षीय बेटी को भी मारने का प्रयास किया.

बिजनौर. लिव इन रिलेशनशिप में रहने की जिद कर रही उषा सैनी की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके चचेरे भाई नीरज को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, नीरज ने 22 सितंबर की रात उषा को आलमपुर एड़वा गांव के जंगल में रामगंगा पोषक नहर के पास ले जाकर दुपट्टे से गला घोंट दिया था.

पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान उषा की तीन वर्षीय बेटी भी उसके साथ थी. बच्ची के रोने पर आरोपी ने उसका भी गला दबाया और बेहोश होने के बाद उसे मृत समझकर मौके पर छोड़ दिया. वहीं, उषा के करीब डेढ़ साल के बेटे को आरोपी अपने साथ ले गया और मुरादाबाद स्थित अपनी ससुराल में यह कहकर छोड़ दिया कि उसके माता-पिता के बीच विवाद चल रहा है.

शव से हुई पहचान

बुधवार सुबह आलमपुर एड़वा गांव के जंगल में रामगंगा पोषक नहर के पास गन्ने के खेत में एक महिला का अधजला शव मिला था. शव के पास तीन साल की बच्ची भी मिली थी. शुक्रवार को नबलपुर निवासी अनिल कुमार ने शव की पहचान अपनी पत्नी उषा सैनी के रूप में की.

उषा अपने पति से विवाद के चलते चांदपुर के स्याऊ में किराये के मकान में रह रही थी. शनिवार को पुलिस लाइन में हुई प्रेस वार्ता में एएसपी देहात गौतम राय ने बताया कि मामले में जिला अमरोहा के बीलना गांव निवासी नीरज पुत्र रामअवतार को गिरफ्तार किया गया है.

बातचीत से बढ़ी नजदीकी

पूछताछ में नीरज ने पुलिस को बताया कि करीब छह महीने पहले उषा उसके भतीजे के जन्मदिन पर आई थी. इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और मोबाइल फोन के जरिए उनकी नजदीकियां बढ़ीं.

पुलिस के अनुसार, इस संबंध की जानकारी उषा के पति को भी हो गई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. करीब तीन महीने पहले उषा नबलपुर स्थित अपनी ससुराल छोड़कर मायके के पास स्याऊ में किराये के मकान में रहने लगी.

साथ रहने की जिद का दावा

पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उषा और नीरज के बीच संबंध हो गए. उषा उसके साथ रहने की जिद कर रही थी, जबकि नीरज पहले से शादीशुदा था और उसने उसे साथ रखने से इनकार कर दिया.

पुलिस के अनुसार, नीरज ने उषा की जिद से परेशान होकर उसकी हत्या की योजना बनाई. इसके बाद उसने उषा के लिए अमरोहा में किराये का कमरा भी दिलवाया.

हरिद्वार-ऋषिकेश ले गया

19 सितंबर को नीरज उषा और उसके दोनों बच्चों को टाटा मैजिक से हरिद्वार और ऋषिकेश घुमाने ले गया. 20 सितंबर को लौटने के बाद सभी नूरपुर के एक होटल में रुके. उषा दोनों बच्चों के साथ वहां दो दिन तक रही.

22 सितंबर की रात नीरज तीनों को टाटा मैजिक से आलमपुर एड़वा के जंगल में रामगंगा पोषक नहर के पास ले गया. पुलिस के मुताबिक, यहीं उसने उषा की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी.

बच्चे को पिता को सौंपा

पुलिस के अनुसार, बच्ची के रोने पर नीरज ने उसका भी गला दबा दिया. बच्ची के बेहोश होने के बाद वह उसे मृत समझकर मौके पर छोड़कर चला गया. इसके बाद वह उषा के छोटे बेटे को लेकर अपनी ससुराल मुरादाबाद पहुंचा और बच्चे को वहां कुछ समय के लिए रखने को कहा.

पुलिस ने बच्चे को आरोपी की ससुराल से बरामद कर उसके पिता को सौंप दिया. पुलिस के मुताबिक, नीरज वाहन चालक है और जम्मू से सेब सहित अन्य फल लाने का काम करता है.

आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है. प्रेस वार्ता के दौरान एसओ प्रवेज सिंह और रवि कुमार भी मौजूद रहे.