गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर में सांसें रोक देने वाला मुकाबला देखने को मिला. यहां भाजपा प्रत्याशी ने जैसे तैसे पार्टी और सीएम की लाज बचा ली. वे एमएलसी चुनाव जीत तो गए लेकिन महज 276 वोटों से. गोरखपुर शिक्षक खंड MLC चुनाव में ये बेहद कांटे की टक्कर रही.
निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी को कड़ी चुनौती दी, लेकिन आखिरी बाजी ध्रुव त्रिपाठी के हाथ लगी. हालांकि जीत का अंतर सिर्फ 276 रहा. दोनों के बीच के मुकाबले ने आखिरी वक्त तक रोमांच बनाए रखा.
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कैसे चुने जाते हैं विधान परिषद सदस्य?
विधान परिषद का चुनाव विधानसभा चुनाव से अलग होता है. विधानसभा चुनाव में जनता सीधे अपने क्षेत्र के विधायक को चुनती है. वहीं, एमएलसी का चुनाव अलग-अलग निर्वाचन मंडलों के जरिए होता है. इसमें विधायक, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता शामिल होते हैं. कुछ सदस्यों को राज्यपाल नामित करते हैं.
एमएलसी बनने के लिए न्यूनतम उम्र 30 वर्ष होनी चाहिए. विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल छह साल होता है. हर दो साल में परिषद के करीब एक तिहाई सदस्यों का कार्यकाल पूरा होता है.

