लखनऊ. नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नई नियमावली को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नई नियमावली से प्रभावित प्रतियोगी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है. पुरानी नियमावली के आधार पर तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है.
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उन्होंने ये भी कहा कि हमने 19 सितंबर को भी आमरण अनशन कर रहे छात्रों की बिगड़ती तबीयत और सरकार की ओर से ठोस पहल न किए जाने पर चिंता जताते हुए तत्काल समाधान की मांग की थी. अभ्यर्थियों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन पर उन्होंने 5 सितंबर से चल रहा आमरण अनशन 23 सितंबर को समाप्त किया था.
चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती में एक अवसर देने के लिए एनसीटीई को पत्र लिखने का भरोसा दिलाया था, लेकिन पत्र लिखने के बजाय नई नियमावली के तहत भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया. मुख्यमंत्री का आश्वासन देने के बाद भी उसे पूरा न करना युवाओं के भरोसे के साथ खिलवाड़ है.
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चंद्रशेखर ने ये भी कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रतियोगी छात्र-छात्राएं प्रयागराज में दूसरे दिन भी आंदोलन कर रहे हैं. यूपी सरकार को अभ्यर्थियों की मांगों की अनदेखी बंद कर अपना वादा पूरा करना चाहिए और टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर देने के साथ पात्रता संबंधी विसंगतियों का न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना चाहिए.

