भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (14 मई 2026) को सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह बैठक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा थी। प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में सभी प्रतिनिधियों से संयुक्त रूप से बातचीत की। बैठक के बाद शाम 7 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से भारत मंडपम में आधिकारिक रात्रिभोज का आयोजन किया गया।

विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत का स्पष्ट संदेश

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक शांति, सुरक्षा और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाल के अंतरराष्ट्रीय संघर्षों ने यह साबित कर दिया है कि संवाद और कूटनीति ही स्थायी समाधान का रास्ता हैं। उन्होंने कहा, “शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं। मौजूदा अनिश्चितताओं के बीच दुनिया को समानता, साझा जिम्मेदारियों और सतत विकास के सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ना होगा।”

जयशंकर ने यह भी कहा कि तेजी से बदलती तकनीक वैश्विक सोच और शासन व्यवस्था को नया स्वरूप दे रही है। उनका मानना है कि तकनीकी प्रगति का उपयोग समावेशी विकास और बेहतर प्रशासन के लिए किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

ईरान समेत कई देशों के प्रतिनिधि पहुंचे दिल्ली

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सैयद अब्बास अराघची गुरुवार सुबह ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे। भारत मंडपम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर पर भारत की चिंता

बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार की सुरक्षा आज पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद आवश्यक है। सुरक्षित और निर्बाध समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ हैं।

पांच देशों की यात्रा पर जाएंगे पीएम मोदी

ब्रिक्स सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान भारत वैश्विक साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर देगा।

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