कुंदन कुमार, पटना। शहर के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आज सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों का मुख्य आरोप है कि आयोग परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं कर रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।

​तीन साल का इंतजार और परीक्षा का अतापता

​प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, जिससे उनका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है।

​परीक्षा कैलेंडर जारी करने की प्रमुख मांग

​आंदोलनकारी छात्रों ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि BSSC को तुरंत एक स्पष्ट परीक्षा कैलेंडर जारी करना चाहिए। इस कैलेंडर में परीक्षा की तारीख, एडमिट कार्ड जारी होने का समय और परिणाम घोषित करने की निश्चित तिथि का उल्लेख होना चाहिए ताकि छात्रों को बार-बार अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

​चयन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

​छात्रों ने सरकार के रोजगार देने के दावों पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ चयन एजेंसियां अपनी सुस्त कार्यशैली से प्रक्रियाओं को सालों-साल लटकाए रखती हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह एजेंसियों की लापरवाही है जो युवाओं को हताश कर रही है।

​नेतृत्व से हस्तक्षेप की अपील

​प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने सरकार और नेतृत्व से गुहार लगाई है कि वे इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें। छात्रों ने मांग की है कि वे संबंधित अधिकारियों को समय पर परीक्षा कराने और पारदर्शी तरीके से परिणाम प्रकाशित करने का सख्त आदेश दें, ताकि युवाओं का मनोबल ऊंचा रहे और उनका विश्वास तंत्र पर बना रहे।