रविंद्र भारद्वाज, रायबरेली. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए. रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर लेकर घूमने वाले लोग अपने स्वजातियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि जब प्रभावशाली लोगों द्वारा तालाब की जमीन पर कब्जा किया जाता है या किसी के घर पर अवैध कब्जा कर लिया जाता है, तब प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती.
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बुलडोजर कार्रवाई को अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि कार्रवाई में समानता और निष्पक्षता दिखाई नहीं देती. उनका आरोप था कि कमजोर, गरीब और आम लोगों के खिलाफ तो तत्काल कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन रसूखदारों और सत्ता के करीब रहने वाले लोगों के मामलों में प्रशासन चुप्पी साध लेता है.
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अखिलेश ने कहा कि कानून का इस्तेमाल किसी जाति, वर्ग या राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं होना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति ने तालाब, सरकारी भूमि या सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि जब गरीब और कमजोर लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाता है, तो बड़े कब्जेदारों और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ वही कार्रवाई क्यों नहीं की जाती. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी सभी नागरिकों को समान न्याय और सुरक्षा देना है. किसी भी व्यक्ति के घर, जमीन या संपत्ति पर कार्रवाई केवल कानून के तहत होनी चाहिए, न कि जाति, राजनीतिक पहचान या व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के आधार पर.


