बक्सर। ब्रह्मपुर थाने में तैनात दारोगा नीरज कुमार को पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। दारोगा पर आरोप है कि उसने थाने में दर्ज एक मामले में मदद और पैरवी करने के बदले पीड़ित से रुपयों की मांग की थी। इस कार्रवाई के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
केस में मदद के नाम पर मांगी थी रकम
जानकारी के मुताबिक, ब्रह्मपुर थाना से जुड़े परिवादी अमरनाथ यादव से सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार लगातार पैसों की मांग कर रहा था। दारोगा का कहना था कि वह केस में मदद और पैरवी के बदले 50 हजार रुपए लेगा। दारोगा की इस अनुचित मांग से परेशान होकर अमरनाथ यादव ने इसकी लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग में दर्ज कराई।
निगरानी टीम ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने दारोगा को रंगे हाथ दबोचने की योजना बनाई। सीनियर डीएसपी विनोद कुमार सिंह और डीएसपी विनोद कुमार की अगुवाई में 9 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। योजना के तहत जैसे ही पीड़ित ने दारोगा नीरज कुमार को रिश्वत के 50 हजार रुपए दिए, घात लगाकर बैठी टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
नेशनल हाईवे के पास निजी होटल में पूछताछ
दारोगा को हिरासत में लेने के बाद निगरानी टीम उसे ब्रह्मपुर में नेशनल हाईवे के पास स्थित एक निजी होटल में ले गई। टीम के सदस्य आशीष चौबे ने बताया कि रिश्वतखोरी से जुड़े मामले में दारोगा से लगातार पूछताछ की जा रही है और आवश्यक तथ्य जुटाए जा रहे हैं। डुमरांव के एसडीपीओ भास्कर रंजन ने भी दारोगा नीरज कुमार की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है।
इस घटना के बाद जिले में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा है। आरोपी दारोगा के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

