पशुओं के टीकाकरण के लिए गांव-गांव में लग रहे शिविर, अब तक 97 लाख से अधिक पशुओं को लक्ष्य का गलघोटू और एकटंगिया रोग से बचाव का टीका

खुरहा-चपका से बचाव के लिए टीकाकरण का दूसरा चरण 21 जुलाई से

रायपुर। पशु चिकित्सा विभाग पशुओं को विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण का विशेष अभियान द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत गांव-गांव में पशु चिकित्सा शिविर लगाकर पशुओं को गलघोटू तथा एकटंगिया संक्रामक रोग से बचाव के लिए टीका लगाया जा रहा है। गौठान वाले गांवों में पशु टीकाकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। गलघोटू और एकटंगिया का टीकाकरण अभियान बीते 15 मई से संचालित है। अब तक राज्य में 97 लाख से अधिक पशुओं को गलघोटू और एकटंगिया का टीका लगाया जा चुका है। राज्य में 5 लाख 69 हजार भेड़ एवं बकरियों को इंटरोटॉक्सिमिया टीका लगाए गए है।

संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि खुरहा-चपका बीमारी की रोकथाम के लिए 21 जुलाई से राज्य में टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू होगा। इससे पूर्व 15 फरवरी से 23 मार्च तक एफएमडी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत खुरहा-चपका बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण का विशेष अभियान संचालित किया गया था, जिसके तहत 31 लाखा 61 हजार पशुओं को गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं को खुरहा-चपका बीमारी का टीका लगाया गया था। दूसरे चरण के अभियान के तहत शेष पशुधन को टीका लगाया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों से पशुओं को संक्रामक रोग से बचाने के लिए टीके लगवाने की अपील की है। संचालक पशु चिकित्सा ने पशुपालकों से पशुओं को होने वाले किसी भी प्रकार के संक्रामक रोग की सूचना तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय केन्द्र को देने को कहा है।

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