दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को 31 अक्टूबर तक दिल्ली की सड़कों, फुटपाथों, डिवाइडरों और खुले इलाकों में जमा धूल, कचरे और मलबे को हटाने का निर्देश दिया है। CAQM ने स्पष्ट किया है कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित धूल नियंत्रण उपायों को समय पर लागू करना जरूरी है। इसके तहत संबंधित इलाकों की सफाई और सड़कों पर जमा धूल-मलबे को हटाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। आयोग ने धूल नियंत्रण के निर्धारित उपायों को लागू करने में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर अभियोजन समेत उचित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
निरीक्षण में सड़कों पर मिला था धूल और मलबा
सोमवार को CAQM के चेयरपर्सन राजेश वर्मा की अध्यक्षता में MCD के सभी 12 जोन में सड़क की सफाई और धूल नियंत्रण के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। साथ ही, प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए आगामी तैयारियों का भी जायजा लिया गया। यह समीक्षा 3 अक्टूबर को किए गए निरीक्षण के बाद आयोजित की गई। निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसी सड़कों के हिस्सों पर काफी मात्रा में धूल और निर्माण मलबा जमा मिला था, जिनका रखरखाव लोक निर्माण विभाग (PWD) करता है, जबकि उनकी सफाई की जिम्मेदारी MCD की है। निरीक्षण में सामने आई कमियों के बाद आयोग ने 7 अक्टूबर को नोटिस जारी किया था। इसके जरिए MCD आयुक्त और संबंधित जोन के उपायुक्तों से जवाब मांगा गया था।
31 अक्टूबर तक सफाई पूरी करने का निर्देश
CAQM ने MCD को दिल्ली की सड़कों, फुटपाथों, डिवाइडरों और खुले इलाकों में जमा धूल, कचरे और निर्माण मलबे को 31 अक्टूबर तक हटाने का निर्देश दिया है। आयोग ने धूल नियंत्रण के उपायों को लागू करने में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन समेत उचित कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
सफाई और पानी के छिड़काव पर जोर
CAQM की सुनवाई के दौरान MCD के सभी 12 जोन के उपायुक्तों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई अभियान और धूल नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आगामी तैयारियों का ब्योरा भी पेश किया। समीक्षा में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव, रोड वॉशिंग और प्रदूषण के हॉटस्पॉट पर विशेष डीप क्लीनिंग अभियान जैसे उपायों पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सड़कों के किनारे, फुटपाथों, डिवाइडरों, कर्ब स्टोन और धूल प्रभावित अन्य स्थानों से धूल, गाद, कचरा और निर्माण मलबा हटाने की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई।
आधुनिक मशीनों और विशेष टीमों की तैनाती
MCD की ओर से सफाई अभियान को प्रभावी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे संसाधनों की जानकारी भी दी गई। इनमें मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें, पानी के टैंकर, स्प्रिंकलर, एंटी-स्मॉग गन और जेटिंग मशीनें शामिल हैं। इसके अलावा धूल प्रभावित इलाकों में सफाई के लिए विशेष टीमों की तैनाती भी की गई है।
टूटी सड़कों और धूल वाले स्थानों पर भी होगी कार्रवाई
दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए CAQM की समीक्षा में टूटी सड़कों की मरम्मत, क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक करने और कच्चे सड़क किनारों को पक्का करने जैसे उपायों पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा धूल प्रभावित क्षेत्रों में हरियाली विकसित करने की योजना भी समीक्षा का हिस्सा रही। सर्दियों में प्रदूषण की बढ़ती चुनौती को देखते हुए आयोग ने विशेष सफाई अभियान चलाने और प्रदूषण हॉटस्पॉट पर केंद्रित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्माण एवं विध्वंस मलबे के संग्रह केंद्रों के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दिया गया, ताकि सड़कों और खुले स्थानों पर मलबा जमा न हो और उससे फैलने वाली धूल को नियंत्रित किया जा सके।
कचरा जलाने और अवैध डंपिंग पर नजर
CAQM ने खुले में कचरा जलाने, अनुचित तरीके से कचरा फेंकने और प्रदूषण फैलाने वाली अन्य गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयोग ने यह भी कहा कि धूल और प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली जल बोर्ड, रेलवे और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। इसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी कमियों को दूर करना और धूल पैदा करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
दिल्ली के सभी 12 जोन की तैयारियों की समीक्षा
CAQM की समीक्षा बैठक में MCD के सभी 12 जोन की सफाई व्यवस्था और धूल नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया गया। इनमें नरेला, पुरानी दिल्ली, सिविल लाइंस, रोहिणी, केशवपुरम, करोल बाग, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, नजफगढ़, पश्चिम, शाहदरा दक्षिण और शाहदरा उत्तर जोन शामिल रहे। आयोग ने सभी जोन के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि सफाई मशीनों और कर्मचारियों का इस्तेमाल संबंधित क्षेत्रों की वास्तविक जरूरत के अनुसार प्रभावी ढंग से किया जाए। जिन इलाकों में अधिक धूल और मलबा जमा है या सफाई की अतिरिक्त जरूरत है, वहां मशीनरी और अन्य संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
नियमित सफाई और निगरानी पर जोर
CAQM ने सभी जोन में नियमित सफाई सुनिश्चित करने और सड़कों, फुटपाथों, डिवाइडरों तथा अन्य स्थानों पर जमा धूल और मलबे को समय पर हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और सफाई व्यवस्था की जमीनी स्तर पर निगरानी को प्राथमिकता देने को कहा गया।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

