CG Accident News : सुरेंद्र जैन, धरसीवां. उद्योगों के भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से चरोदा–मोहदी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पूरी तरह जर्जर होकर ग्रामीणों के लिए जानलेवा बन गई है. कई बार आंदोलन और शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं हुई. इसी खराब सड़क पर सोमवार को फिसलकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है. वह फिलहाल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. बताया जा रहा है कि वह अपने परिवार का इकलौता सहारा है.

जानकारी मुताबिक, सांकरा निवासी सूर्या टंडन किसी काम से मोहदी नगरगांव की तरफ गया था. रात्रि में जब वह वहां से सांकरा वापस आ रहा था, तभी जर्जर प्रधानमंत्री सड़क पर टाडा की ओर टर्न होने वाले तिराहे पर ओवर लोड वाहनों से सड़क पर फैली धूल डस्ट में फिसल गया. युवक  गंभीर रूप से घायल हो गया. जिस जर्जर मार्ग पर दुर्घटना हुई वहां अंधेरा था. घायल को बेहोशी की हालत में रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित नारायण अस्पताल में भर्ती किया गया. जहां वह जिंदगी ओर मौत से जूझ रहा है.

परिवार का इकलौता है सहारा युवक

जर्जर पीएम सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होकर जिंदगी ओर मौत से जूझ रहे सूर्या टंडन के पिता का कुछ साल पहले निधन हो चुका है. उनके निधन के बाद से मां छोटी बहन और मानसिक रूप से विक्षिप्त भाई का वही एक सहारा है, जो अब अस्पताल में वेंटिलेटर पर है.

कई बार हो चुका सड़क निर्माण को लेकर आंदोलन

चरोदा मोहदी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क बारह टन क्षमता की सड़क है, जो ग्रामीणों के उपयोग के लिए बनाई गई थी. इस मार्ग पर टाडा मोहदी के आसपास तक करीब दर्जनभर औद्योगिक इकाइयों स्थापित है. लगभग चालीस टन क्षमता के मालवाहक लगातार इस पीएम सड़क पर दौड़ते हैं. परिणाम स्वरूप ये सड़क जर्जर होकर ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक की जगह जानलेवा बन गई है.

जर्जर सड़क ओवर लोड से गिरता डस्ट आंखों में चुभती है, जिससे अक्सर साइकिल ओर बाइक सवार दुर्घटना का शिकार होते हैं. पीएम सड़क के पुनर्निर्माण ओर रात्रि में प्रकाश व्यवस्था की मांग को लेकर कई बार ग्रामीण आंदोलन कर चुके है. इसके बावजूद सड़क पर न तो औद्योगिक इकाइयों के भारी वाहन चलना बंद हुआ न ही इसका पुनर्निर्माण हुआ.