CG News : पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद. अश्लील डांस मामले में तत्कालीन एसडीएम तुलसीदाल को 11 जनवरी को सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन अब वह फिर मैनपुर एसडीएम कुर्सी पर आ बैठे हैं. प्रशासनिक रिकॉर्ड में देवभोग एसडीएम के पास इसका अतरिक्त प्रभार है. 30 जनवरी से नियम विरुद्ध कुर्सी पर काबिज डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास द्वारा कार्यालयीन पत्र से अपने बड़े अफसरों को पत्राचार शुरू कर दिया था. निरीक्षण, दौरा और सरकारी काम काज करने के अलावा ज्ञापन तक लिए जा रहे है. इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष ने निलंबित अफसर की मनमानी की शिकायत मुख्य सचिव से किया है.

जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने 3 फरवरी को मुख्य सचिव सुबोध सिंह के समक्ष लिखित पत्र सौंपा है. जिसमें उन्होंने नियम विरुद्ध कुर्सी पर काबिज करने वाले डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम की करतूतों का जिक्र करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया है. कहा है कि तुलसी दास का यह आचरण गंभीर प्रशासनिक अनियमितता और पद के दुरुपयोग के श्रेणी में आता है. इसलिए उचित कार्यवाही किया जाए.

कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने कहा कि डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास को आयुक्त द्वारा 16 जनवरी को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया था, उसी आदेश के विरुद्ध माननीय हाईकोर्ट ने 29 जनवरी को स्थगन आदेश ज़ारी कर अंतरिम राहत दिया है. पुनः एसडीएम में जाने का कोई आदेश नहीं है, क्योंकि 16 को निलंबन से पहले उन्हें 11 जनवरी को एसडीएम पद से हटाकर मुख्यालय संलग्न किया गया था. उन्हें जिला मुख्यालय में अपनी आमद देनी थी लेकिन वे सीधे मैनपुर एसडीएम दफ्तर पहुंच गए है. उनके इस कृत्य के लिए बार-बार नोटिस दिया गया, मेल वाट्सअप और आवक जावक से, पर वे नोटिस से अनभिज्ञ होना बता रहे. पुलिस भेज कर अब तामिली कराई गई है. देवभोग एसडीएम आर एस सोरी मैनपुर अनुविभाग के अतिरिक्त प्रभार में है. उन्हें तुलसीदास को हटाकर दफ्तर में बैठने कहा गया है. सोरी के अनुपस्थिति में दफ्तर को ताला लगाने कहा जा रहा है. तुलसीदास द्वारा नियम अवहेलना की जानकारी सामान्य प्रशासन को भेजी जा रही है. सुनवाई के दौरान न्यायालय को भी अवगत कराया जाएगा. साथ ही जिला प्रशासन ने वेबसाइट में उनकी आईडी को ब्लॉक कर दिया है.

जानिए कब क्या हुआ था ?

9 जनवरी को अश्लील डांस का आयोजन उरमाल में हुआ. 10 जनवरी को वीडियो वायरल में तत्कालीन एसडीएम तुलसीदास डांस का आनंद लेते नजर आए थे. 11 जनवरी को तुलसीदास को पद से हटाया गया. 14 जनवरी को मामले की जांच पूरी हुई. 16जनवरी को आयुक्त महादेव कावरे ने तुलसीदास को डिप्टी कलेक्टर पद से निलंबित किया. 29 जनवरी को हाईकोर्ट ने तुलसीदास को अंतरिम राहत देते हुए आयुक्त आदेश पर स्टे लगाया. 30 जनवरी को तुलसीदास सीधे मैनपुर एसडीएम को कुर्सी पर बैठे. इसी दिन उनके समर्थकों ने तुलसीदास द्वारा जारी पत्र और उनसे जुड़ी वीडियो स्टेटस में डालना शुरू कर दिया.