इदरीश मोहम्मद, पन्ना। कहते हैं कि ‘नीम हकीम खतरा-ए-जान’, यानी बिना डॉक्टरी सलाह के किया गया इलाज जानलेवा साबित हो सकता है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां दर्द मिटाने के चक्कर में एक परिवार अस्पताल पहुंच गया। फिलहाल सभी का इलाज जारी है। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है…
हाथ-पैर और कमर के दर्द से छुटकारा पाने की कोशिश एक परिवार को बहुत महंगी पड़ गई। दरअसल, पन्ना की रहने वाली सावित्री बाई (45) जोड़ों के दर्द से परेशान थीं। किसी के मशविरे पर उन्होंने धतूरा और गरज जैसी जड़ी-बूटियों का काढ़ा तैयार किया। सावित्री बाई ने न केवल खुद यह काढ़ा पिया, बल्कि अपने बेटे शिवम (22) और बेटी रेखा (24) को भी पिला दिया।
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काढ़ा पीते ही शरीर में जहर फैलने लगा। तीनों को तेज चक्कर आने लगे, लगातार उल्टियां हुईं और शरीर सुन्न पड़ने लगा। आनन-फानन में तीनों को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने इसे गंभीर ‘फूड पॉइजनिंग’ का मामला बताया। आपको बता दें कि समय पर इलाज मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना सिखाती है कि बिना डॉक्टरी परामर्श के जड़ी-बूटियों का सेवन जान ले सकता है।

