अजयारविंद नामदेव, शहडोल। ऑनलाइन गेमिंग की लत ने शहडोल में एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए तबाह कर दिया। पुरानी बस्ती स्थित सत्यम वीडियो के पास 24 फरवरी की दरमियानी रात हुई इस दर्दनाक घटना में अब तीसरी मौत भी हो गई है। मेडिकल कॉलेज शहडोल में 8 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मां राजकुमारी ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले 25 फरवरी को पिता शंकर लाल गुप्ता और बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली अंतर्गत पुरानी बस्ती स्थित सत्यम वीडियो के पास रहने वाले शंकर लाल गुप्ता को ऑनलाइन BDG और एविएटर (AVIATOR) गेम की लत लग गई थी। इस दौरान वह लाखों रुपये हार गए और कर्ज के बोझ तले दबते चले गए। आर्थिक तनाव और मानसिक दबाव के चलते उन्होंने कथित तौर पर कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर 24 फरवरी को पहले पत्नी और बेटी को पिलाया, फिर खुद भी पी लिया।
ये भी पढ़ें: ईरान-इजराइल तनाव के बीच एमपी सरकार की बड़ी पहल: खाड़ी देश में रह रहे नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी-दिल्ली में कंट्रोल रूम भी बनाया, यहां करें संपर्क
बच गया बेटा
घटना के बाद तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां पिता शंकर लाल गुप्ता और बेटी स्वाति गुप्ता ने अगले ही दिन दम तोड़ दिया, जबकि राजकुमारी का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी था। आठ दिन के बाद राजकुमारी भी जिंदगी की लड़ाई हार गईं और उसकी भी मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में अब केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता ही बचा है।
ये भी पढ़ें: बोर्ड परीक्षा के बीच छात्र ने की आत्महत्या: घर पर फांसी लगाकर दे दी जान, परिजनों ने कहा- पेपर खराब जाने से था परेशान
घटना के बाद फिर उठे सवाल
घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था, जिससे वह जहरीला पेय पीने से बच गया और उसकी जान बच सकी। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म्स की खतरनाक लत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक गलत फैसले और लत ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया, पीछे छोड़ गया तो सिर्फ सन्नाटा और एक मासूम बेटे का अकेलापन और सुना संसार, फिलहाल इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।


