पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद. नगर पंचायत फिंगेश्वर क्षेत्र में स्वीकृत खदान की सीमा से बाहर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है. फिंगेश्वर के मणिकंचन क्षेत्र से करीब 3 किलोमीटर दूर गणेशपुर में रेत खदान स्वीकृत है, लेकिन रेत ठेकेदार निर्धारित क्षेत्र को छोड़कर काजू बगीचा मणिकंचन के पास नदी से रेत निकाल रहा है. नदी की पिचिंग तोड़कर चैन माउंटेन मशीन लगाई गई है और सैकड़ों हाइवा के जरिए रेत का उत्खनन किया जा रहा है. इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
प्रशासन की कार्रवाई में भेदभाव!

करीब पखवाड़े भर पहले जिला खनिज अधिकारी ने देवभोग में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही सनत नागेश के लिए रेत लेकर जा रहे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया था. कार्रवाई के विरोध में नागेश एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए थे. उनकी मांग पर सुनवाई करने के बजाय उन्हें 25,600 रुपये की पेनाल्टी भरने का नोटिस थमा दिया गया. वही विभाग अब फिंगेश्वर में धड़ल्ले से जारी कथित अवैध उत्खनन पर कार्रवाई नहीं रह रहा है.
SDM की चेतावनी के बावजूद रेत उत्खनन का खेल जारी

बीते दिनों नदी की पिचिंग तोड़े जाने को लेकर किसानों ने विरोध जताया था और चक्काजाम की चेतावनी दी थी. इसके बाद राजिम एसडीएम विशाल महराणा मौके पर पहुंचे और काम रुकवाते हुए स्वीकृत क्षेत्र से बाहर उत्खनन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी. लेकिन बेखौफ ठेकेदार पर रद्दीभर भी इसका असर नहीं पड़ा. उसने दोबारा उसी क्षेत्र में उत्खनन शुरू कर दिया.

कलेक्टर के निर्देशों पर भी सवाल
कलेक्टर रणबीर शर्मा और एसपी वेदव्रत सिरमौर ने खनिज विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष धनराज सूर्यवंशी ने मामले की शिकायत कलेक्टर से करने की बात कही है. अब सवाल उठ रहा है कि नगर पंचायत क्षेत्र में कथित अवैध उत्खनन पर नगर पंचायत ने क्यों चुप्पी साधा है. न कोई पार्षद इसका विरोध कर रहा है और न ही पंचायत द्वारा एक्शन लिया जा रहा है. फिलहाल मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.
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