कोरबा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पाली के प्राचार्य मनोज शराफ के खिलाफ स्कूल के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है. छात्रों ने प्राचार्य पर अनियमितता और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. इतना ही नहीं उनको हटाने की मांग की है. छात्र-छात्राओं ने आज शाला का बहिष्कार करते हुए हड़ताल कर दिया. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया.

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दरअसल, संस्था में वर्तमान में कक्षा 9वी से लेकर कक्षा बारहवीं चारों संकाय में लगभग 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. इन बच्चों ने अचानक बिना पूर्व सूचना के स्कूल के मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए धरना दे दिया. इसकी सूचना मिलने पर जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने उनकी समस्या जानने का कोशिश की.

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विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधि मंडल के साथ चर्चा हुई, जिसमें छात्र छात्राओं ने प्राचार्य सराफ पर गंभीर आरोप लगाए. मौके पर उपस्थित तहसीलदार पाली सलामे, थाना प्रभारी आशीष सिंह, BEO डी लाल सहित साथ छात्र-छात्राओं की लंबी चर्चा हुई. बच्चों आश्वस्त किया गया कि उनकी सभी मांगों पर जांच और कार्रवाई की जाएगी.

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इधर प्राचार्य सराफ ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चों को जबरिया गुमराह कर उनकी आड़ में संस्था के कतिपय तत्व अशांति का वातावरण निर्मित कर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे किसी भी जांच और कार्रवाई के लिए तैयार हैं.

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य मनोज सराफ से जब हमने बातचीत की तो उनका कहना है कि स्कूल में ही रहने वाले कुछ टीचर्स के द्वारा यह साजिश रची गई थी, जिसके तहत स्कूल के कुछ बच्चों ने इस तरह का प्रदर्शन किया. स्कूल में लगभग 1400 बच्चे पढ़ाई करते हैं. 800 छात्र और 600 छात्राएं अध्ययनरत हैं. इसमें से कुछ बच्चे हैं किसी दूसरे टीचर के बहकावे में आकर यह कदम उठाया है.

उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती है, जिसका प्रभाव स्कूल के आसपास चला रहे कोचिंग क्लास के संचालकों पर पड़ा. स्कूल के ही कुछ टीचर्स और संचालकों से मिलकर इस तरह का बच्चों से प्रदर्शन कराया गया है. फिलहाल अभी बच्चों की जो भी मांगे हैं, उन्हें जल्द ही पूरी कर ली जाएगी.

 

 

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