आईएसबीएम विश्वविद्यालय के चांसलर ने की राज्यपाल से मुलाकात, एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम शुरू करने मांगी अनुमति

रायपर। आईएसबीएम विश्वविद्यालय नवापारा कोसमी के चांसलर डॉ. विनय अग्रवाल ने प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उईके से राजभवन में सौजन्य भेंट की. डॉ. विनय अग्रवाल ने विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह मे वर्चुअल उपस्थिति के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय कुलाध्यक्ष द्वारा दिये गए दीक्षांत उद्बोधन से समस्त दीक्षार्थी एवं विश्वविद्यालय परिवार अभिभूत है. आपने वनांचल एवं आदिवासी तथा जनजाति क्षेत्र में स्थापित इस विश्वविद्यालय से जो भी अपेक्षायें की हैं आईएसबीएम उन पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेगा.

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डॉ. अग्रवाल ने राज्यपाल को बताया कि हमारे विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना ही नहीं है वरन अध्येताओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देना और उन्हें एक बेहतर प्रोफेशनल के रूप में तैयार करना तथा उनके अंदर व्यवसायिक प्रतिभा जागृत करना है. प्रदेश की शिक्षा के विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वनांचल क्षेत्र होने से यहां पर कृषि आधारित शिक्षा की महती आवश्यकता है, इसलिए विश्वविद्यालय को एग्रीकल्चर से संबंधित पाठ्यकम प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की जाए.

डिप्टी रजिस्ट्रार राकेश तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा कार्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी के तहत सामाज कल्याण एवं जनचेतना के लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में भी राज्यपाल को अवगत कराया गया. राज्यपाल ने चांसलर डॉ. विनय अग्रवाल से कहा कि वे स्वयं आदिवासी क्षेत्र से है एवं आईएसबीम विश्वविद्यालय सुदूर वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा प्रदान कर रहा है. इसे देखकर वे बहुत उत्साहित हैं. उन्होमने इसके लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन की सराहना की तथा एग्रीकल्चर पाठ्यक्रमों की अनुमति के लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री से चर्चा करने तथा उचित कदम उठाने की बात कही.

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