दिल्ली सरकार ने चांदनी चौक (Chandni Chowk) स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल (Town Hall) को नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की मौजूदगी में दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग की नोडल एजेंसी दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTDC) और दिल्ली नगर निगम (MCD) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत चांदनी चौक के ऐतिहासिक टाउन हॉल, प्रेस बिल्डिंग और पार्क को संरक्षित करते हुए पूरे परिसर को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ इसे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाना है।

विरासत संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन और विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है। सरकार का उद्देश्य ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित तरीके से विकसित कर उन्हें देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाना है। टाउन हॉल और इससे जुड़े परिसर के विकास से चांदनी चौक की ऐतिहासिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। दिल्ली सचिवालय में आयोजित MoU हस्ताक्षर कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। DTDC और MCD के बीच हुआ यह समझौता ऐतिहासिक परिसर के संरक्षण और उसके नए स्वरूप में विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

1860 से 1866 के बीच हुआ था निर्माण

टाउन हॉल और इससे जुड़ा परिसर चांदनी चौक और शाहजहानाबाद के ऐतिहासिक क्षेत्र का हिस्सा है। इसका निर्माण 1860 से 1866 के बीच हुआ था। यह ग्रेड-I विरासत परिसर है। लंबे समय तक दिल्ली नगर निगम का मुख्यालय भी इसी परिसर में रहा। वर्ष 2010 में निगम मुख्यालय को मिंटो रोड स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद टाउन हॉल परिसर का बड़ा हिस्सा काफी हद तक खाली रहा। ऐतिहासिक टाउन हॉल परिसर करीब 12,180 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस परिसर का स्वामित्व दिल्ली नगर निगम के पास ही रहेगा। नए समझौते के तहत इसके ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए टाउन हॉल, प्रेस बिल्डिंग और पार्क को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है।

विरासत बरकरार, आधुनिक जरूरतों के मुताबिक होगा इस्तेमाल

परियोजना के तहत ऐतिहासिक भवन की मूल स्थापत्य शैली और विरासत पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसका एडैप्टिव रीयूज किया जाएगा। यानी भवन के ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए उसे आधुनिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। प्रस्तावित ग्लोबल हेरिटेज सेंटर में संग्रहालय, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे देश-विदेश से पुरानी दिल्ली आने वाले पर्यटकों को एक ही परिसर में दिल्ली के इतिहास, संस्कृति और विरासत को करीब से जानने का अवसर मिल सकेगा। टाउन हॉल परिसर चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख और व्यस्त पर्यटन क्षेत्रों के करीब स्थित है। ऐसे में इसे दिल्ली के एक बड़े विरासत और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

सर्वे और DPR की जिम्मेदारी DTDC को

MoU के तहत DTDC को परियोजना से जुड़े सर्वे, भवन के स्ट्रक्चरल असेसमेंट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद परियोजना को सार्वजनिक निवेश या पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए विकसित करने का विकल्प तय किया जाएगा। परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए DTDC और नगर निगम के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त कार्य समूह भी बनाया जाएगा। यह समूह परियोजना से जुड़े कामकाज और प्रगति की निगरानी करेगा।

30 साल की शुरुआती अवधि

MoU की शुरुआती अवधि 30 वर्ष तय की गई है। आपसी सहमति के आधार पर इसे आगे 30 वर्ष के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। इस दौरान परिसर के संरक्षण और प्रस्तावित विकास कार्यों को तय योजना के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। टाउन हॉल से जुड़ी विरासत सामग्री, अभिलेखीय दस्तावेज, कलाकृतियां और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दिल्ली नगर निगम के पास ही रहेंगे। परियोजना में भवन के संरक्षण के साथ उससे जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है।

पुरानी दिल्ली की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि चांदनी चौक का टाउन हॉल केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि दिल्ली के समृद्ध इतिहास और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य इसकी ऐतिहासिक और स्थापत्य पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित होने के बाद यह परिसर देश-विदेश से दिल्ली आने वाले पर्यटकों के लिए पुरानी दिल्ली के इतिहास, संस्कृति और विरासत को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इससे लोगों को क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थापत्य महत्व को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

विरासत पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि चांदनी चौक की ऐतिहासिक विरासत दिल्ली की पहचान का अहम हिस्सा है। टाउन हॉल, प्रेस बिल्डिंग और पार्क को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित करने से क्षेत्र में विरासत पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करने के साथ-साथ उन्हें देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक और उपयोगी बनाना है। इस परियोजना के जरिए पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

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