लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. नगीना से आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कुंडा विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर निशाना साधा है. उन्होंने राजा भैया का नाम लिए बिना माफिया और हथियारों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया. इस पर जनसत्ता दल के एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने पलटवार किया है.
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चंद्रशेखर आजाद ने माफियाओं पर उठाए सवाल
एक सभा में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने का दावा करते हैं. लेकिन, उनके मुताबिक कुछ प्रभावशाली लोग खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन करते हैं और गरीबों में डर पैदा करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई के दावों और जमीन पर दिखने वाली स्थिति में अंतर है.
2027 से आगे तक संघर्ष का ऐलान
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी लड़ाई गरीबों को अधिकार दिलाने के लिए है. उन्होंने कहा कि 2027, 2029, 2032 या 2037 का चुनाव हो, उनका संघर्ष जारी रहेगा. जब तक देश में लोकतंत्र जिंदा है, वह गरीबों के हक की आवाज उठाते रहेंगे.
अक्षय प्रताप सिंह ने किया पलटवार
राजा भैया के करीबी और जनसत्ता दल के एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी ने चंद्रशेखर आजाद के बयान को तथ्यहीन बताया. उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजा की परंपरा रही है. यह आस्था का हिस्सा है. ऐसे में शस्त्र पूजा को गलत नजर से देखना उचित नहीं है.
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बोले- राजा भैया की अपनी राजनीतिक पहचान
अक्षय प्रताप सिंह ने कहा कि राजा भैया किसी एक पार्टी या गठबंधन से बंधे नहीं हैं. उनका अपना राजनीतिक दल और स्वतंत्र पहचान है. उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद के बयान से राजा भैया को किसी गठबंधन से जुड़ा दिखाने की कोशिश की गई है, जो गलत है. इस बयानबाजी के बाद प्रदेश में चुनाव से पहले राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं.

