पंकज श्रीवास्तव, छपरा। स्थित ऐतिहासिक राजेंद्र स्टेडियम में इस वर्ष विजयदशमी के पावन अवसर पर रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। सारण जिला प्रशासन और सारण जिला दशहरा पूजा कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। कार्यक्रम को लेकर शहर में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और स्टेडियम परिसर खचाखच भरा हुआ था।
​सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सारण के डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रोशन कुमार ने सुरक्षा की कमान खुद अपने हाथों में संभाल रखी थी। किसी भी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था से बचने के लिए दोनों अधिकारी लगातार क्षेत्र का निरीक्षण करते रहे और मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।

​श्रीराम की शोभायात्रा और जनसैलाब

​दशहरा कमेटी और जिला प्रशासन की कई दौर की बैठकों के बाद इस वर्ष सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की भव्य शोभायात्रा जब छपरा के राजेंद्र स्टेडियम पहुंची, तो वहां मौजूद लाखों लोगों ने उत्साह के साथ उसका स्वागत किया। स्टेडियम में जुलूस के प्रवेश करते ही पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा।
​आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद के उपसभापति सलीम परवेज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस साल का आयोजन पिछले सभी वर्षों की तुलना में बेहद भव्य रहा। दर्शकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार कई नई व्यवस्थाएं भी लागू की गई थीं, जिससे पूरा कार्यक्रम बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

​65 फीट के रावण और आतिशबाजी का आकर्षण

​राजेंद्र स्टेडियम में मुख्य आकर्षण का केंद्र बने 60 फीट ऊंचे कुंभकरण और 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने पारंपरिक रूप से अपनेधनुष-बाण का संधान कर रावण का वध किया। इसके साथ ही अहंकार रूपी रावण और कुंभकरण के पुतले धू-धू कर जल उठे।
​पुत दहन के तुरंत बाद आकाश रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा, जिसे देखकर बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी मंत्रमुग्ध हो गए। इस प्रकार छपरा में प्रशासनिक सतर्कता, भव्य शोभायात्रा और लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच रावण दहन का यह महापर्व शांति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।