भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एम. एन. वेंकटचलैया के 97वें जन्मदिन पर जन्मदिन की बधाई दी है. CJI एम. एन. वेंकटचलैया के बेंगलुरु स्थित आवास पर जाकर जन्मदिन पर बधाई दी. जस्टिस वेंकटचलैया को गिरफ्तारी के लिए दिशानिर्देश जारी करने और भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण फैसला देने के लिए जाना जाता है.
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने भी उन्हें बुके भेंट कर शुभकामनाएं दीं.
सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 97 वर्ष के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एम. एन. वेंकटचलैया जी का घर जाकर जन्मदिन की बधाई दी है. जस्टिस एमएन वेंकटचलैया का जन्म 25 अक्टूबर, 1929 को हुआ था. वह इस वक्त 97 साल के हो चुके हैं. सुपर-इम्प्रेसिव यह सन्देश सामाजिक मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया, जहाँ लोगों ने दोनों न्यायमूर्ति के बीच इस मिलन को “शिष्टाचार की मिसाल” कहा.
पिछले दो वर्षों में वेंकटचलैया जी को कई मीडिया प्रतिष्ठानों ने ‘गिरफ्तारी के लिए दिशानिर्देश जारी करने वाले’ न्यायाधीश के रूप में भी याद किया है. सैकड़ों फैसलों के माध्यम से उन्होंने अदालत के कार्यभार को सुगम बनाने का प्रयास किया.
सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर ने लिखा-‘यह एक नेक कदम है! मुझे उम्मीद है कि सरकार ने तुरंत अपनी पूर्व-मंजूरी दे दी होगी.’ तो वहीं, एक और यूजर ने लिखा-न्यायमूर्ति वेंकटचलैया भारतीय इतिहास के बेहतरीन न्यायाधीशों में से एक हैं.
सुप्रीम कोर्ट में अपने सात साल के कार्यकाल के दौरान जस्टिस एमएन वेंकटचलैया ने 90 फैसले लिखे और 482 पीठों (बेंचों) का हिस्सा रहे. जस्टिस वेंकटचलैया ने स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकते. उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी के पास गिरफ्तारी या हिरासत में लेने का कोई ठोस और उचित कारण होना चाहिए। केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं छीनी जा सकती.
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