सतीश सिंह, लखनऊ. बाहर मूसलाधार बारिश थी, लेकिन सीतापुर की रोली के कदम नहीं रुके. अपने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को लेकर सोमवार को वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन (CM Yogi janta darshan) में पहुंचीं. चेहरे पर बच्चे के इलाज की चिंता थी और मन में यही उम्मीद कि शायद मुख्यमंत्री से मिलने के बाद कोई रास्ता निकलेगा. मुख्यमंत्री के सामने पहुंचकर जब उन्होंने अपनी पीड़ा बताई तो योगी ने न केवल उनकी बात पूरी गंभीरता से सुनी, बल्कि बच्चे के सिर पर हाथ रखकर जल्द स्वस्थ होने का आशीर्वाद भी दिया.

रोली ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका बच्चा थैलेसीमिया से पीड़ित है और इलाज के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को अस्पताल से उपचार का एस्टीमेट मंगवाने और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री की ओर से मिले इस भरोसे के बाद रोली की आंखों में चिंता की जगह उम्मीद की चमक दिखाई दी. उनके लिए यह सिर्फ सरकारी मदद का आश्वासन नहीं था, बल्कि बच्चे के इलाज को लेकर एक बड़ा सहारा था. जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे अन्य लोगों की समस्याएं भी सुनीं. आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए लोगों से उन्होंने स्पष्ट कहा कि इलाज में पैसे की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पतालों से उपचार संबंधी एस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कराकर शासन को भेजी जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके.

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‘कहां से आए हैं, क्या परेशानी है’—हर फरियादी से अपनत्व

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सहज और अपनत्व भरा अंदाज भी देखने को मिला. उन्होंने एक-एक फरियादी से पूछा—‘कहां से आए हैं, क्या परेशानी है?’ लोगों की बात ध्यान से सुनने के बाद उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपे और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए.मुख्यमंत्री ने पुलिस, राजस्व, चिकित्सा, जमीन पर कब्जे और अन्य मामलों से जुड़े प्रार्थना पत्रों पर अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा और किसी को परेशान या निराश होने की जरूरत नहीं है.