दिल्ली में एक बार फिर शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। राजधानी के आश्रम इलाके में मणिपुर के मूल निवासी 55 वर्षीय रिटायर्ड म्यूजिक टीचर चोंगथाम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि कुछ लड़कों ने उनके घर के दरवाजे पर ही उनके साथ मारपीट की। वारदात के दौरान उनकी पत्नी और बेटा घर के अंदर मौजूद थे, लेकिन जब तक वे कुछ कर पाते, तब तक विक्रम सिंह गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। पुलिस को घटना से जुड़े कुछ CCTV फुटेज मिले हैं। फुटेज में कथित तौर पर कुछ लड़के विक्रम सिंह के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वारदात के बाद आरोपी सीढ़ियों से नीचे उतरकर मौके से फरार हो गए।  घटना के करीब 10 मिनट बाद विक्रम सिंह की पत्नी और बेटे को उन्हें अस्पताल ले जाते हुए भी CCTV फुटेज में देखा गया।

विक्रम सिंह को तीसरी मंजिल तक दौड़ाया, फिर की मारपीट

मामला आश्रम इलाके की सनलाइट कॉलोनी का है। चोंगथाम विक्रम सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर रहते थे। रविवार, 6 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे वह कूड़ा फेंकने के लिए घर से नीचे आए थे। इसी दौरान उन्होंने आसपास कुछ 7-8 युवकों को शोर करते देखा। पुलिस के मुताबिक, इनमें कुछ आसपास की खाने-पीने की दुकानों पर काम करते थे, जबकि कुछ फूड डिलीवरी एजेंट थे। आरोप है कि विक्रम सिंह ने युवकों को शोर करने से मना किया, जिसके बाद उनके साथ बहस शुरू हो गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपी युवकों ने विक्रम सिंह का पीछा करते हुए उन्हें तीसरी मंजिल तक दौड़ाया और उनके साथ मारपीट की। CCTV फुटेज में रात करीब 12:06 बजे विक्रम सिंह को भागते हुए देखा गया। शोर सुनकर उनका बेटा भी घर से बाहर आया, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। इसके करीब 10 मिनट बाद, 12:16 बजे परिवार के लोग विक्रम सिंह को ओखला स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इलाज के दौरान अगले दिन सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और घटना के पूरे क्रम की जांच कर रही है।

कूड़ा फेंकने नीचे आए थे, शोर को लेकर हुआ विवाद

घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। मणिपुरी सामाजिक कार्यकर्ता बी. रुचिदा शर्मा के मुताबिक, विक्रम सिंह अपने तीसरी मंजिल स्थित फ्लैट से कूड़ा फेंकने के लिए नीचे आए थे। इस दौरान उन्होंने घर के पास दो ढाबों से जुड़े कुछ कर्मचारियों को शोर-शराबा करते देखा। विक्रम सिंह ने कथित तौर पर इसका विरोध किया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद जब विक्रम सिंह वापस अपने घर की ओर जाने लगे, तो कुछ लोगों ने उनका पीछा किया। शर्मा के मुताबिक, आरोपियों ने तीसरी मंजिल तक उनका पीछा किया और कॉरिडोर में उन्हें घेरकर मारपीट की। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

CCTV फुटेज में आठ लोग नजर आए

पूर्व मणिपुर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी इमारत का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए मामले की पूरी जांच की मांग की है। फुटेज में आठ लोग सीढ़ियों से नीचे आते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह फुटेज कथित हमले के बाद का है। मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।

बेटे ने अस्पताल पहुंचाया, सुबह इलाज के दौरान मौत

चोंगथम विक्रम सिंह अपनी पत्नी जोशना चोंगथम और 20 वर्षीय बेटे याइफाबा चोंगथम के साथ तीसरी मंजिल स्थित फ्लैट में रहते थे। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को सोमवार तड़के करीब 1:38 बजे विक्रम सिंह पर हमले की सूचना मिली। इसके बाद उनके बेटे याइफाबा उन्हें इलाज के लिए ओखला स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। मणिपुरी सामाजिक कार्यकर्ता बी. रुचिदा शर्मा के अनुसार, करीब सुबह 7 बजे इलाज के दौरान विक्रम सिंह की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

17 साल से दिल्ली में संगीत सिखा रहे थे विक्रम सिंह

54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह मणिपुर के जाने-माने गिटारवादक और संगीत शिक्षक थे। वह पिछले करीब 17 वर्षों से दिल्ली में निजी तौर पर संगीत की शिक्षा दे रहे थे। उनकी मौत के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान भारत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), विजय (36), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32) और मन्नू (26) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में से चार पास के ढाबों में डिलीवरी का काम करते थे, जबकि दो पैकेजिंग का काम करते थे। वहीं, मन्नू एक पिज्जा कियोस्क में काम करता था। मामले में 15 वर्षीय एक किशोर को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 103(2) पांच या उससे अधिक लोगों द्वारा मिलकर की गई हत्या से संबंधित है, जबकि धारा 3(5) साझा मंशा से किए गए कृत्य से जुड़ी है।

न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च

विक्रम सिंह की मौत के बाद सोमवार शाम किलोकरी गांव में करीब 100 लोग जुटे। लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर घटना में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग की। विक्रम सिंह को मणिपुर में गिटारवादक और संगीत शिक्षक के तौर पर जाना जाता था। वह लंबे समय से दिल्ली में रहकर लोगों को संगीत की शिक्षा दे रहे थे। उनकी मौत के बाद स्थानीय लोगों और मणिपुरी समुदाय में रोष है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m