मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कांवड़ यात्रा, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और असामाजिक तत्वों तथा खाद की कालाबाजारी करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
सतीश सिंह, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा, आगामी त्योहारों, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाढ़ की चुनौती के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रशासनिक मशीनरी को स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था से लेकर किसानों, महिलाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा तक हर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे में यात्रा के दौरान माहौल बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं का तत्काल तथ्यों के साथ खंडन किया जाए और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
महिला सुरक्षा पर सबसे कड़ा संदेश
बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में महिलाओं से जुड़े अपराधों पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने, संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का बेहतर उपयोग किया जाए और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों में कानून का भय दिखाई देना चाहिए।
खाद की कालाबाजारी रोकने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए यूरिया और डीएपी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में खाद की कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खतौनी का सत्यापन कर ही खाद का वितरण किया जाए तथा नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि उर्वरकों की अवैध तस्करी न हो सके।
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों पर फोकस
बलिया, बाराबंकी, उन्नाव समेत बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कटान प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता मिले और सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर तथा बलिया में तटबंधों की सुरक्षा मजबूत की जाए। जिन गांवों का संपर्क बाढ़ से कट गया है, वहां राहत सामग्री और आवश्यक सेवाएं बिना देरी पहुंचाई जाएं।
स्कूल वाहनों और चालकों की होगी सख्त जांच
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिया कि बिना फिटनेस वाले स्कूली वाहनों का संचालन बिल्कुल न हो। ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूल वाहन चालकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराया जाए, ताकि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
सद्भाव का भी दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स के दौरान विभिन्न समुदायों के बीच बने सौहार्द की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए उर्स आयोजन को सीमित रखना और शाकाहारी भोजन वितरण की व्यवस्था करना सामाजिक समरसता और पारस्परिक सम्मान का सकारात्मक उदाहरण है।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव (गृह), राहत आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। समीक्षा बैठक के जरिए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और जनहित से जुड़े मामलों में सरकार की प्राथमिकता सख्त निगरानी, त्वरित कार्रवाई और शून्य लापरवाही रहेगी।


