कुंदन कुमार, पटना। बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान विशेष रूप से पटना पहुंचे। पटना एयरपोर्ट पर उनका स्वागत बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से राज्य के विभिन्न बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण (एरियल सर्वे) किया।
हवाई सर्वेक्षण का विस्तृत रूट और निरीक्षण
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना से उड़ान भरकर दिघवारा और मनेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद उनका काफिला और सर्वेक्षण दल हाजीपुर से होते हुए तेरसिया और सरायपुर गांव पहुंचा, जहां बाढ़ के पानी से घिरे इलाकों की स्थिति का जायजा लिया गया। हवाई और जमीनी स्तर पर वस्तुस्थिति देखने के बाद केंद्रीय मंत्री ने पटना लौटकर मुख्यमंत्री और राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बाढ़ राहत कार्यों, बचाव अभियानों और किसानों को हुए नुकसान के मुआवजे पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुंगेर और भागलपुर में राहत शिविरों का दौरा
समीक्षा बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान मुंगेर के लिए रवाना हुए। मुंगेर के नवागढ़ी में उन्होंने बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और वहां बनाए गए बाढ़ राहत शिविर का अचानक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में शरण लिए हुए बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुंगेर के बाद केंद्रीय मंत्री भागलपुर पहुंचे। भागलपुर के नवगछिया और कोजीकरेया इलाके में स्थित राहत शिविरों में जाकर उन्होंने राहत सामग्रियों के वितरण का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका हालचाल जाना। प्रशासन को निर्देश दिए गए कि राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री का आज रात भागलपुर में ही रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है। वे कल सुबह भागलपुर से वापस पटना के लिए प्रस्थान करेंगे।



