करनाल । बेहतर भविष्य की उम्मीद में परिवार ने अपनी जमीन बेच दी और कर्ज लेकर 45 लाख रुपये जुटाए। 21 साल का अनिल कुमार डंकी रूट से अमेरिका पहुंच भी गया, लेकिन वहां जिंदगी संवारने का सपना ज्यादा लंबा नहीं चल सका। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है।

मामला करनाल जिले के गांव बल्ला निवासी अनिल कुमार का है। परिजनों के मुताबिक, चार अक्टूबर की रात अचानक उसकी तबीयत खराब हुई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हालांकि, मौत की आधिकारिक वजह की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

अनिल के पिता ऋषिपाल ने बताया कि उनका बेटा 10वीं कक्षा तक पढ़ा था। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर जिंदगी की उम्मीद में उसने अमेरिका जाने का फैसला लिया था। बेटे के इस सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने वर्ष 2023 में अपनी जमीन बेच दी और बाकी रकम कर्ज लेकर करीब 45 लाख रुपये जुटाए।

परिवार के अनुसार, अमेरिका पहुंचने के लिए अनिल ने डंकी रूट का सहारा लिया था। इस सफर में उसे करीब छह महीने लगे। अमेरिका पहुंचने के बाद उसने वहां जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कीं और वहीं रहकर काम करने लगा। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा मेहनत करके आर्थिक हालात बदलेगा और आगे चलकर घर की जिम्मेदारियां संभालेगा।

लेकिन चार अक्टूबर की रात आई खबर ने परिवार की सारी उम्मीदें तोड़ दीं। अनिल के पिता का कहना है कि उनका बेटा परिवार का इकलौता बेटा था। यही वजह है कि उसकी मौत से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।

परिवार ने अब सरकार से मदद की गुहार लगाई है। परिजनों की मांग है कि अनिल का शव अमेरिका से भारत लाने की प्रक्रिया में सरकार सहयोग करे, ताकि परिवार अपने बेटे के अंतिम दर्शन कर सके और उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके।

परिवार के रिश्तों की बात करें तो अनिल अपने पिता ऋषिपाल का इकलौता बेटा था। वहीं ऋषिपाल के भाई रामपाल की भी केवल एक बेटी है। ऐसे में अनिल दोनों परिवारों के लिए इकलौता बेटा था। अमेरिका जाकर भविष्य बनाने की कोशिश कर रहे इस युवक की अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।