स्पेन में बढ़ते आवासीय संकट के खिलाफ लोगों का गुस्सा अब सड़क पर दिखाई दे रहा है. किराए के बढ़ते बोझ और घरों की कमी से परेशान हजारों लोग देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं. स्पेन में 87 साल की एक महिला को घर से निकालना बहुत बड़ा मुद्दा बन गया. बुजुर्ग महिला को घर से निकाले जाने के बाद हाउसिंग संकट का मुद्दा और गरमा गया है.

पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज साल 2018 से सत्ता में बैठे हैं. पर 23 स‍ितंबर को देश में ऐसा भूचाल आया कि पीएम को 8 महीने पहले ही चुनावों की घोषणा करनी पड़ी है.

स्पेन में आवास का संकट कई वर्षों से बढ़ रहा है। देश में किराए पर रहने वाले लोगों के लिए घर का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. स्‍पेन में 23 स‍ितंबर को एक तस्‍वीर वायरल हुई. तस्‍वीर थी एक 87 साल की बूढ़ी औरत की, ज‍िसे स्‍ट्रैचर पर डालकर उसके घर से बाहर निकाला गया. 

87 साल की मारिया डेल कारमेन अबास्कल एक द‍िव्‍यांग हैं और स्‍पेन के मैड्रिड के रेटिरो इलाके में रहती थीं. मार‍िया को स्‍पेन में सिर्फ मारिकार्मेन के नाम से जाना जाता है. मार‍िया एक द‍िव्‍यांग और पेंशनर हैं.

पेन में अब 29 नवंबर को चुनाव होंगे. पीएम को 8 महीने पहले ही चुनावों की घोषणा करनी पड़ी है. इसकी वजह है एक 87 साल की बुजुर्ग मह‍िला ज‍िसका नाम है मारिया डेल कारमेन अबास्कल. यह मामला सिर्फ एक बुजुर्ग महिला के घर से निकाले जाने तक सीमित नहीं है. इसके पीछे स्पेन का एक बड़ा हाउसिंग संकट है, जहां घर खरीदना और किराए पर लेना दोनों आम लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है.

आवास का संकट का असर खासतौर पर गरीबों और युवाओं पर पड़ रहा है. कम आय वाले लोगों के लिए अपना घर खरीदना मुश्किल है, जबकि किराए के मकानों की उपलब्धता भी सीमित है.  देश में किराए पर रहने वाले 26 प्रतिशत लोग अपनी आय का औसतन 40 प्रतिशत हिस्सा किराए और यूटिलिटी पर खर्च करते हैं.

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