बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र में जारी वोटर लिस्ट के SIR के दौरान मतदाताओं के नाम काटने पर लगाने से इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट ने यह इनकार वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दी. बॉम्बे हाईकोर्ट ने फ किया कि सुप्रीम कोर्ट में इस विषय पर पहले से सुनवाई चल रही है, इसलिए हाईकोर्ट इस संबंध में कोई आदेश पारित नहीं कर सकता.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने तक याचिकाकर्ता ने बॉम्बे हाई कोर्ट से मांग की कि महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट से किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए.

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट नाम काटने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. अदालत ने कहा है कि हमें इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम ऐसा कोई आदेश पारित नहीं करेंगे. इसी आधार पर मामले की सुनवाई तीन सप्ताह के लिए टाल दी गई.

दरअसल, नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट्स को अपने-अपने राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया की वैधता या उससे जुड़े मामलों पर सुनवाई करने से रोक दिया था.

चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने अदालत में कहा कि SIR से जुड़े कई मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट पहले से विचार कर रहा है.

वहीं, याचिकाकर्ता सागर गवई की ओर से अधिवक्ता प्रकाश आंबेडकर ने अदालत को बताया कि याचिका का दायरा सीमित है. उन्होंने महाराष्ट्र के मतदाताओं के हितों की रक्षा का अनुरोध किया और कहा कि सुनवाई पूरी होने तक नाम हटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जा सकती है.

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