अमित पाण्डेय, खैरागढ़. खैरागढ़ में पत्रकार के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया. पत्रकार किशोर सोनी के साथ पुलिसकर्मियों की मारपीट से नाराज जिले के पत्रकारों ने फतेह सिंह मैदान के मुख्य गेट पर करीब दो घंटे तक धरना दिया. पत्रकार दोषी पुलिसकर्मी के तत्काल निलंबन और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे. आखिरकार विरोध के बीच CAF के संबंधित जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इसके बाद कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल भी मौके पर पहुंचे और पत्रकारों से चर्चा कर उन्हें समझाया. कलेक्टर ने पत्रकारों की पुरानी मांगों और पहले सौंपे गए ज्ञापनों पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया.

पूरा मामला जिला प्रशासन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले की कवरेज के दौरान का है. जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार किशोर सोनी कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान वे अपनी बाइक साइड कर रहे थे, तभी पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की. घटना का वीडियो सामने आने के बाद पत्रकारों में नाराजगी फैल गई और सभी साथी एकजुट होकर फतेह सिंह मैदान के गेट पर धरने पर बैठ गए. पत्रकारों की एक ही मांग थी कि मारपीट करने वाले जवान को तत्काल निलंबित किया जाए.

मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से रूपेश कुमार डांडे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही एसपी ने तत्काल संज्ञान लिया. संबंधित CAF जवान के खिलाफ कमांडेंट के माध्यम से निलंबन की कार्रवाई की गई है. साथ ही मामले की प्राथमिक जांच भी शुरू करा दी गई है. जांच के आगे बढ़ने पर की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी. जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर ने बताया कि पत्रकार करीब दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे. उनकी मांग थी कि किशोर सोनी के साथ मारपीट करने वाले जवान को तत्काल निलंबित किया जाए. इसके अलावा जिला पत्रकार संघ पहले भी कई स्थानीय समस्याओं और प्रशासनिक मामलों को लेकर ज्ञापन सौंप चुका है, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.

गौर ने सवाल उठाया कि जब पत्रकार संघ के ज्ञापनों पर ही कार्रवाई नहीं होती, तो आम नागरिकों की शिकायतों पर प्रशासन कितना गंभीर होता होगा? उन्होंने बताया कि पत्रकारों ने अपनी पुरानी मांगों पर भी तत्काल कार्रवाई की मांग रखी. काफी देर बाद कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल मौके पर पहुंचे और मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया.

करीब दो घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने CAF जवान के निलंबन की कार्रवाई की, वहीं कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर पत्रकारों से संवाद किया. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के व्यवहार, पत्रकारों की सुरक्षा और जिला स्तर पर लंबित शिकायतों पर प्रशासन की जवाबदेही का सवाल खड़ा कर दिया है. फिलहाल संबंधित जवान के निलंबन के साथ मामले की प्राथमिक जांच शुरू हो गई है. अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पत्रकारों की पहले से लंबित मांगों पर प्रशासन कब तक ठोस कार्रवाई करता है.

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H